Srigee DLM ने FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में शानदार **104.69%** का इजाफा हुआ है। पूरे साल का नेट प्रॉफिट **₹6.87 करोड़** रहा, जबकि EBITDA और PAT मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है।
Srigee DLM ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में गजब की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल के ₹5.01 करोड़ से बढ़कर ₹6.87 करोड़ हो गया है। खासकर, FY26 की दूसरी छमाही (H2 FY26) में PAT में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 104.69% का जोरदार उछाल आया और यह ₹5.53 करोड़ पर पहुंच गया।
FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹72.31 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹71.23 करोड़ से थोड़ा अधिक है। वहीं, कुल आय बढ़कर ₹75.76 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹71.37 करोड़ थी।
क्यों मायने रखता है यह नतीजा?
H2 FY26 में मुनाफे में आई यह बड़ी तेजी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और सेल्स में आई मजबूती का संकेत देती है। EBITDA मार्जिन 10.51% से बढ़कर 12.18% हो गया है, और PAT मार्जिन भी 7.02% से सुधरकर 9.06% पर आ गया है। यह बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) और प्राइसिंग पावर (Pricing Power) को दर्शाता है। साथ ही, 0.20 का कम डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है, जो भविष्य के निवेश के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है।
पर्दे के पीछे क्या है?
FY26 के नतीजों में सुधार के बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू जनरेशन (Revenue Generation) अलग-अलग सेगमेंट्स में बंटा हुआ है। इंजेक्शन मोल्डिंग और असेंबली (Injection Moulding & Assembly) सेगमेंट में रेवेन्यू ₹59.99 करोड़ से घटकर ₹54.79 करोड़ हो गया। हालांकि, टूल रूम और डाई मैन्युफैक्चरिंग (Tool Room & Die Manufacturing) और जॉब वर्क - मोबाइल असेंबली (Job Work - Mobile Assembly) जैसे सेगमेंट्स में बड़ी बढ़ोतरी और पॉलीमर कंपाउंडिंग (Polymer Compounding) में स्थिर ग्रोथ ने इसकी भरपाई की है।
आगे क्या बदलेगा?
Srigee DLM भविष्य की ग्रोथ के लिए सक्रिय रूप से निवेश कर रही है। ग्रेटर नोएडा में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (Manufacturing Facility) का निर्माण चल रहा है। इसका मकसद प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग, ऑटोमोटिव पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी (Production Capacity) को बढ़ाना है। इस विस्तार से एक्सपोर्ट कैपेबिलिटीज (Export Capabilities) को बढ़ावा मिलने और प्रोडक्ट ऑफरिंग्स (Product Offerings) में विविधता लाने की उम्मीद है।
जोखिम पर क्या रखें नज़र?
सकारात्मक वित्तीय नतीजों के बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू उसके टॉप 10 कस्टमर्स (Customers) पर केंद्रित है, जो एक संभावित जोखिम कारक बना हुआ है। निवेशकों को कंपनी की कस्टमर बेस (Customer Base) को डाइवर्सिफाई (Diversify) करने और विस्तार के बाद ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक अब ग्रेटर नोएडा में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के चालू होने और इसके रेवेन्यू व प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाले असर को देखने के लिए उत्सुक होंगे। मार्जिन में लगातार सुधार और कस्टमर बेस का विस्तार मुख्य परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (Performance Indicators) होंगे जिन पर नजर रखी जाएगी।
