Sprayking Ltd के लिए पहली छमाही बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **₹4.06 करोड़** से घटकर महज **₹0.07 करोड़** रह गया है, वहीं स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में कंपनी को **₹1.00 करोड़** का नुकसान हुआ है।
भारी दबाव में कंपनी के नतीजे
सितंबर 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए Sprayking Ltd ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनमें कंपनी की वित्तीय सेहत में गिरावट साफ दिख रही है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू जो पिछले साल ₹14.29 करोड़ था, वह अब गिरकर ₹7.29 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट के चलते कंपनी मुनाफे से सीधे ₹1.00 करोड़ के घाटे में पहुंच गई है। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर रेवेन्यू घटकर ₹38.85 करोड़ रहा है।
निवेशकों के लिए चिंता का विषय
स्टैंडअलोन बिजनेस का घाटे में आना और कंसोलिडेटेड मुनाफे का लगभग शून्य हो जाना मार्जिन्स पर बढ़ते दबाव की ओर इशारा करता है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि क्या यह सुस्त मार्केट डिमांड का असर है या बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट कंपनी के मुनाफे को खा रही है।
ऑडिट और गवर्नेंस
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 4 नवंबर, 2026 को इन नतीजों को मंजूरी दी है। सांविधिक लेखा परीक्षक (Statutory Auditor) B.B. Gusani & Associates ने इनका लिमिटेड रिव्यू किया है। राहत की बात यह है कि ऑडिट रिपोर्ट में कोई क्वालिफिकेशन नहीं दी गई है, यानी वित्तीय रिपोर्टिंग के स्तर पर कंपनी पारदर्शी रही है।
आगे क्या नजर रखें?
शेयरधारकों की नजर अब मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होनी चाहिए। कंपनी किस तरह से कॉस्ट-कंट्रोल के उपाय अपनाती है और स्टैंडअलोन बिजनेस को फिर से प्रॉफिटेबल बनाने की क्या योजना है, यह आने वाले महीनों में स्टॉक की चाल तय करेगा।
