Sparc Electrex के लिए FY26 बेहद खराब रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **92%** गिर गया है और नेट लॉस बढ़कर **₹446.18 लाख** पहुंच गया है। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने कंपनी के कामकाज और रेगुलेटरी अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में भारी गिरावट
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के जो नतीजे जारी किए हैं, वे काफी चिंताजनक हैं। ऑपरेशन्स से कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹366.10 लाख से घटकर महज ₹28.29 लाख रह गया है। वहीं, नेट लॉस ₹152.04 लाख से बढ़कर ₹446.18 लाख तक पहुंच गया है।
ऑडिटर के कड़े सवाल (Auditor Observations)
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर 'Qualified Opinion' दिया है। सबसे बड़ा सवाल ₹231.47 लाख के इन्वेंट्री राइट-ऑफ और ₹75 लाख के स्टॉक प्रोविजन पर है, जिनके लिए कंपनी के पास उचित दस्तावेज नहीं हैं। साथ ही, ट्रेड रिसीवेबल्स को वापस लिखने और क्रेडिटर्स को राइट-ऑफ करने पर भी बिना किसी ठोस सबूत के सवाल उठे हैं।
रेगुलेटरी और ऑपरेशनल चुनौतियां
कंपनी कई कानूनी पचड़ों में फंसी है। BSE ने फाइनेंशियल नतीजों और शेयरहोल्डिंग पैटर्न दाखिल करने में देरी के लिए कंपनी पर जुर्माना लगाया है। कंपनी ने अभी तक फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए अपनी सालाना रिटर्न (Form MGT-7) और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स दाखिल नहीं किए हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने Hyundai Corporation Holdings Co. Ltd. के साथ अपना ट्रेडमार्क लाइसेंस एग्रीमेंट खत्म कर दिया है, जिससे भारतीय बाजार में अब वे 'HYUNDAI' ब्रांड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हाल ही में हुए एक साइबर-हमले ने भी कंपनी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित किया है।
