South West Pinnacle Exploration ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में इतिहास रच दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **101%** उछलकर **₹33 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **35%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शानदार परफॉर्मेंस के पीछे की ताकत
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। देश के 8 राज्यों में फैली अपनी 45 से ज्यादा ड्रिलिंग रिग्स की मदद से कंपनी ने मार्जिन में बड़ी बढ़ोतरी हासिल की है। इस शानदार ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो अब बढ़कर ₹761 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर है। इसमें एक बड़ा योगदान ₹300 करोड़ से ज्यादा के उस कॉन्ट्रैक्ट का है, जो कंपनी को एक प्रमुख मेटल्स और मिनरल्स ग्रुप से मिला है।
कोयला और इंटरनेशनल एक्सपेंशन
Ministry of Coal द्वारा एक एक्रेडिटेड प्रॉस्पेक्टिंग एजेंसी के रूप में मान्यता मिलना कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। झारखंड के कोल ब्लॉक में एक्सप्लोरेशन पूरा हो चुका है और अब माइनिंग की योजना तैयार की जा रही है, जिसका प्रोडक्शन FY 2028-29 तक शुरू होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कंपनी ओमान में USD 125 मिलियन के कॉपर माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट के साथ अपनी धाक जमा रही है।
डिविडेंड नहीं, एक्सपेंशन पर जोर
कंपनी के मैनेजमेंट ने एक कड़ा फैसला लेते हुए इस बार डिविडेंड न देने का निर्णय लिया है। सारा मुनाफा कंपनी के ऑपरेशनल विस्तार में लगाया जाएगा, ताकि आने वाले समय में 15% से 20% की ग्रोथ को बरकरार रखा जा सके।
निवेश से पहले ध्यान देने वाली बातें
हालांकि ग्रोथ की रफ्तार तेज है, लेकिन निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि कंपनी का बिजनेस मुख्य रूप से टेंडर पर आधारित है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है। साथ ही, माइनिंग सेक्टर में सरकारी मंजूरी और पर्यावरणीय अप्रूवल मिलने में होने वाली देरी भी एक रिस्क फैक्टर है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
