साउथ इंडिया पेपर मिल्स ने FY26 में दर्ज किया शानदार मुनाफा
साउथ इंडिया पेपर मिल्स लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में हुए ₹9.64 करोड़ के नेट लॉस की तुलना में इस साल ₹10.74 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी वापसी है।
मुनाफे में आने की वजहें
इस मुनाफे में आने की सबसे बड़ी वजह कंपनी के रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी है। FY26 में कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू बढ़कर ₹433.81 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹369.31 करोड़ था। पिछले साल, FY25 में कंपनी को टैक्स से पहले ₹12.78 करोड़ का लॉस हुआ था, जबकि इस बार FY26 में ₹14.35 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स दर्ज किया गया है।
लेबर कोड्स का असर और भविष्य की रणनीति
कंपनी का कहना है कि सरकार के नए लेबर कोड्स (जो 21 नवंबर, 2025 से लागू हुए हैं) का कंपनी पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, उनके मौजूदा एम्प्लॉई एमोल्यूमेंट स्ट्रक्चर इन कोड्स के अनुरूप हैं। यह लागत के मामले में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा, जो मुनाफे को बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
हालांकि, कंपनी का मुनाफे में लौटना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी इस प्रदर्शन को जारी रख पाती है। कंपनी को अपने कर्ज़ (debt) को मैनेज करने और रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रखने पर ध्यान देना होगा।
