South India Paper Mills ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹2.81 करोड़** से बढ़कर **₹4.39 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे बेहतर ऑपरेशनल मैनेजमेंट और कैश फ्लो का सपोर्ट मिला है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के अपने स्टैंडअलोन नतीजे जारी किए हैं। ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू बढ़कर ₹116.66 करोड़ रही है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹111.57 करोड़ थी। अगर छमाही आधार पर देखें, तो नेट प्रॉफिट ₹9.37 करोड़ रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹3.80 करोड़ था।
मजबूती की वजह क्या है?
इस दमदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी की बेहतरीन एक्सपेंस मैनेजमेंट है। कंपनी ने रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद अपने कुल खर्चों को ₹110.95 करोड़ पर ही सीमित रखा है, जिससे सीधा असर बॉटम-लाइन (मुनाफे) पर दिखा है।
कैश फ्लो और एसेट्स में बढ़त
कंपनी की लिक्विडिटी स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ऑपरेशनल एक्टिविटीज से जनरेट हुआ नेट कैश ₹24.38 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹14.28 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, कंपनी के कुल एसेट्स भी बढ़कर ₹458.23 करोड़ हो गए हैं, जो मार्च 2026 में ₹448.73 करोड़ थे।
रेगुलेटरी अपडेट
मैनेजमेंट ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनी 21 नवंबर 2025 से लागू नए लेबर कोड्स का पूरी तरह पालन कर रही है। फिलहाल इससे कंपनी की वित्तीय सेहत पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या कंपनी अपनी इस तेजी को आगे भी बरकरार रख पाती है या नहीं।
