Soma Textiles बनी इंफ्रा कंपनी! रेवेन्यू में **752%** की बंपर छलांग, पर मुनाफा घटा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Soma Textiles बनी इंफ्रा कंपनी! रेवेन्यू में **752%** की बंपर छलांग, पर मुनाफा घटा

Soma Textiles & Industries अब पूरी तरह से टेक्सटाइल बिजनेस से इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर हाईवे कंस्ट्रक्शन की ओर मुड़ गई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू **752%** बढ़कर **₹80.88 करोड़** हो गया, हालांकि पिछले साल के खास आइटम्स के कारण नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है। नए प्रमोटर्स ने जुलाई 2025 में कंपनी का कंट्रोल संभाला था।

Soma Textiles का बड़ा बदलाव: अब इंफ्रा पर फोकस

ऑपरेशंस से रेवेन्यू (FY 2025-26): ₹80.88 करोड़
नेट प्रॉफिट (FY 2025-26): ₹9.90 करोड़

रीडर टेकअवे: नए इंफ्रा फोकस से रेवेन्यू बढ़ा; कंस्ट्रक्शन के रिस्क और पुराने लोन पर नजर रखें।

क्या हुआ?

Soma Textiles & Industries Ltd. ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर लिया है। कंपनी अब टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग छोड़कर पूरी तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर हाईवे और रोड कंस्ट्रक्शन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY 2025-26) के लिए, कंपनी ने ₹80.88 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY 2024-25) के ₹9.49 करोड़ की तुलना में 752.51% की भारी बढ़ोतरी है। FY 2025-26 का नेट प्रॉफिट ₹9.90 करोड़ रहा, जो FY 2024-25 के ₹69.31 करोड़ से कम है। कंपनी का कहना है कि पिछले साल के कुछ बड़े एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) के कारण मुनाफे में यह कमी आई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

Soma Textiles के लिए यह एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है, क्योंकि अब यह पूरी तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी बन गई है। रेवेन्यू में आई यह जबरदस्त बढ़ोतरी नए बिजनेस डायरेक्शन की सफलता को दिखाती है। हालांकि, निवेशकों को कैपिटल-इंटेंसिव कंस्ट्रक्शन सेक्टर में इसकी स्थिरता और प्रॉफिटेबिलिटी का भी आकलन करना होगा। कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया है कि डीलिस्टिंग (delisting) का प्रस्ताव वापस लेने के बाद यह BSE और NSE पर लिस्टेड रहेगी।

पूरी कहानी

9 जुलाई 2025 को कंपनी के कंट्रोल में बड़ा बदलाव आया, जब नए प्रमोटर्स ने 74.98% इक्विटी खरीद ली। इसी के बाद टेक्सटाइल से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की ओर रणनीतिक बदलाव का रास्ता साफ हुआ। डीलिस्टिंग वापस लेने का मतलब है कि नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी पब्लिक मार्केट में बनी रहेगी।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी का फोकस अब हाईवे और रोड प्रोजेक्ट्स पर रहेगा। फाइनेंशियल रिपोर्टिंग भी इसी को दर्शाती है, जिसमें दिसंबर 2025 में खत्म हुई तिमाही के लिए हाईवे कंस्ट्रक्शन ही एकमात्र रिपोर्टेबल सेगमेंट था। बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए 5% फाइनल डिविडेंड (final dividend) की भी सिफारिश की है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कुछ स्वाभाविक जोखिम शामिल हैं, जैसे कच्चे माल (स्टील, सीमेंट, बिटुमेन) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रेगुलेटरी अप्रूवल में संभावित देरी और प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन में चुनौतियां। कंस्ट्रक्शन की कैपिटल-इंटेंसिव प्रकृति के कारण वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट भी सावधानी से करना होगा। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने एक एसोसिएट कंपनी 'Soma Textiles FZC' (UAE में स्थित) को दिए गए लोन की रिकवरी को लेकर 'Emphasis of Matter' पर ध्यान दिलाया है।

पीयर कंपेरिजन

Soma Textiles अब इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में स्थापित प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है। अब कंपनी के ऑर्डर बुक का साइज, प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन टाइमलाइन और प्रॉफिट मार्जिन जैसे प्रमुख मेट्रिक्स पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, जो इस इंडस्ट्री में क्रिटिकल हैं।

कांटेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)

  • ऑपरेशंस से रेवेन्यू 752.51% बढ़कर ₹9.49 करोड़ (FY 2024-25) से ₹80.88 करोड़ (FY 2025-26) हो गया।
  • नेट प्रॉफिट ₹69.31 करोड़ (FY 2024-25) से घटकर ₹9.90 करोड़ (FY 2025-26) हो गया।
  • 9 जुलाई 2025 को हुए एक शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement) के बाद कंपनी का कंट्रोल बदला (74.98% इक्विटी ट्रांसफर)।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को कंपनी के ऑर्डर बुक, प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन एफिशिएंसी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की साइक्लिकल नेचर और कैपिटल डिमांड्स को नेविगेट करने में मैनेजमेंट की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। एसोसिएट कंपनी के लोन की स्थिति भी एक महत्वपूर्ण बिंदु होगी।

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