Smaart Tech Services (जिसे पहले Sharp India के नाम से जाना जाता था) ने नए मैनेजमेंट के तहत अपनी दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी को इस दौरान **₹2.46 करोड़** का नेट लॉस हुआ है।
बिगड़ती फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी के लिए पिछला कुछ समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹7.67 करोड़ रहा, जबकि कुल घाटा ₹2.46 करोड़ दर्ज किया गया। अगर छमाही (Half-year) की बात करें, तो यह घाटा बढ़कर ₹8.22 करोड़ तक पहुंच गया है। सबसे बड़ी चिंता ₹149.32 करोड़ की नेगेटिव नेट वर्थ है, जो मार्च में ₹141.28 करोड़ थी।
बड़ा बदलाव और रीब्रांडिंग
जून 2026 में Sharp Corporation, Japan ने अपनी 75% हिस्सेदारी Smart Services Private Limited को ₹18.45 करोड़ में बेची थी। इस अधिग्रहण के बाद अगस्त 2026 में कंपनी का नाम बदलकर Smaart Tech Services रखा गया और पूरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को बदल दिया गया। अब कंपनी 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) मॉडल के तहत खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए सावधानी
ऑडिटर्स ने कंपनी की अकाउंटिंग प्रैक्टिसेज, विशेष रूप से 'डेफर्ड टैक्स' (Deferred Tax) को लेकर सवाल उठाए हैं, जो भविष्य में फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर असर डाल सकते हैं। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग से हटकर नए बिजनेस मॉडल्स की तरफ बढ़ रही है, लेकिन इस बदलाव के साथ 'एक्जीक्यूशन रिस्क' (Execution Risk) भी काफी बड़ा है। निवेशकों को कंपनी के नए बिजनेस लाइन्स के परफॉर्मेंस और कैपिटल इनफ्यूजन की खबरों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
