Skipper Limited ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **56%** बढ़कर **₹57.5 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **10%** की बढ़ोतरी देखी गई है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
Skipper Limited के लिए दूसरी तिमाही काफी मजबूत रही है। कंपनी ने कुल रेवेन्यू ₹1,384 करोड़ दर्ज किया है, जो साल-दर-साल आधार पर 10% अधिक है। कंपनी का मुनाफा (PAT) 56% बढ़कर ₹57.5 करोड़ और EBITDA 11% बढ़कर ₹145 करोड़ रहा। कंपनी की फाइनेंशियल डिसिप्लिन का असर यह हुआ कि फाइनेंस कॉस्ट घटकर रेवेन्यू का 3.2% रह गई है, जो पिछले साल 4.2% थी।
क्यों है यह खास?
कंपनी के पास ₹10,066 करोड़ की अब तक की सबसे बड़ी ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में काम की स्पष्ट विजिबिलिटी दिखाती है। हाल ही में किए गए ₹433.5 करोड़ के इक्विटी फंड जुटाने से बैलेंस शीट और मजबूत हुई है, जिससे डेट-टू-इक्विटी रेशियो घटकर 0.38x हो गया है। कंपनी अपनी 75,000 MTPA की ब्राउनफील्ड कैपेसिटी एक्सपेंशन पर तेजी से काम कर रही है, जो इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही तक पूरी होने की उम्मीद है।
मैनेजमेंट का आउटलुक
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 27 के लिए 15% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा है। कंपनी का एक्सपोर्ट बिजनेस, खासकर नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट में, ग्रोथ का मुख्य इंजन बना हुआ है। कंपनी का लॉन्ग टर्म EBITDA मार्जिन लक्ष्य 12% का है, जबकि फिलहाल यह 10-11% की रेंज में है।
निवेशकों के लिए जोखिम
बढ़ते ग्लोबल फ्रेट रेट्स और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण शिपमेंट में देरी होने की आशंका बनी हुई है। महंगाई का दबाव और प्रोजेक्ट टाइमलाइन पर असर कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या?
कंपनी की कुल कैपेसिटी को 450,000 MTPA तक पहुंचाने का लक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। साथ ही, ₹35,000 करोड़ की बिडिंग पाइपलाइन को एग्जीक्यूट करना लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी होगा।
