Skipper Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में 20% का उछाल आया है और यह ₹55,528.22 मिलियन रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 43% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹4,334.99 मिलियन जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट को भी मंजूरी दे दी है।
Skipper Ltd के FY26 के नतीजे
Skipper Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹55,528.22 मिलियन का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹46,244.80 मिलियन की तुलना में 20% अधिक है।
मुनाफे (PAT) में भी 43% का शानदार इजाफा हुआ है, जो ₹1,493.46 मिलियन से बढ़कर ₹2,131.27 मिलियन हो गया है। कंपनी के EBITDA में भी लगभग 24% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹5,948.20 मिलियन तक पहुंच गया।
क्यों है यह खबर अहम?
Skipper के ये नतीजे कंपनी की मजबूत ग्रोथ और बेहतर मुनाफे को दर्शाते हैं। बढ़ते रेवेन्यू, भारी मुनाफा, मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़ी हुई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी यह बताती है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स की मांग काफी अच्छी है और मैनेजमेंट का कामकाज भी कुशल है। कंपनी ने ब्राजील और अबू धाबी में नई सब्सिडियरीज़ के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार किया है, जिससे कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं।
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड
Skipper Limited ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) टावर्स और पोल्स के निर्माण में एक स्थापित नाम है। कंपनी रियल एस्टेट में भी सक्रिय है। यह लगातार अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और ऑर्डर बुक को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, ताकि देश और विदेश में बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
आगे क्या?
कंपनी ने ₹4,334.99 मिलियन (₹470 प्रति शेयर की दर से) के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट को मंजूरी दी है। इसका मकसद कंपनी की पूंजी को मजबूत करना और ग्रोथ की योजनाओं को सहारा देना है। CRISIL ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को A+/Stable तक अपग्रेड किया है, जो बाजार के भरोसे को दिखाता है।
जोखिम पर नज़र
निवेशकों को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के सफल समापन और जुटाई गई पूंजी के सही इस्तेमाल पर नज़र रखनी होगी। कंपनी को अपने बड़े ऑर्डर बुक को समय पर रेवेन्यू में बदलना होगा और बढ़ी हुई क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सब्सिडियरीज़ से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क को भी संभालना होगा।
तुलना (Peer Comparison)
Skipper T&D उपकरण निर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करती है, जिसके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में Kalpataru Power Transmission, KEC International और Transformers and Rectifiers (India) शामिल हैं। Skipper का हालिया प्रदर्शन, जैसे रेवेन्यू ग्रोथ और PAT में उछाल, उद्योग के सामान्य ग्रोथ साइकिल्स की तुलना में काफी मजबूत दिख रहा है।
खास आंकड़े
- FY 2025-26 रेवेन्यू: ₹55,528.22 मिलियन (20% YoY बढ़ा)
- FY 2025-26 PAT: ₹2,131.27 मिलियन (43% YoY बढ़ा)
- FY 2025-26 EBITDA: ₹5,948.20 मिलियन (लगभग 24% YoY बढ़ा)
- FY 2025-26 क्लोजिंग ऑर्डर बुक: ₹85,019 मिलियन (FY25 के ₹74,584 मिलियन से ऊपर)
- नई क्षमता: 75,000 MTPA ट्रांसमिशन टावर मैन्युफैक्चरिंग
- फंड जुटाना: ₹4,334.99 मिलियन तक प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (3 जून 2026)
- क्रेडिट रेटिंग: CRISIL A+/Stable (जुलाई 2026)
- नई सब्सिडियरीज़: SKIPPER LATAM LTDA (ब्राजील, मार्च 2026), SKIPPER TRANSMISSION AND DISTRIBUTION - L.L.C - S.P.C (अबू धाबी, मई 2026)
आगे क्या देखें?
निवेशक प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट की प्रगति, ब्राजील और अबू धाबी की नई सब्सिडियरीज़ के प्रदर्शन और कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल करके नए ऑर्डर्स को कैसे भुनाती है, इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
