Skipper Limited ने पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में **₹797 करोड़** के बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं। इसमें एक बड़ा घरेलू **765 Kv** प्रोजेक्ट और ऑस्ट्रेलिया में ट्रांसमिशन टावर्स के लिए एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं।
बड़े ऑर्डर्स का असर
कंपनी ने पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) सेक्टर में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। इन ऑर्डर्स में एक महत्वपूर्ण 765 Kv का घरेलू प्रोजेक्ट शामिल है, जो कंपनी की हाई-वोल्टेज इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को दर्शाता है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया से मिले एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स यह साबित करते हैं कि कंपनी अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रही है।
मैनेजमेंट का नज़रिया
डायरेक्टर शरण बंसल ने इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए कहा कि यह ऑर्डर कंपनी की रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वे हाई-वोल्टेज इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी पकड़ और गहरी करना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित बाजारों में पैठ बनाना कंपनी के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
EPC प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी आने के साथ ही कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
- एग्जीक्यूशन टाइमलाइन: प्रोजेक्ट्स का समय पर पूरा होना बहुत जरूरी है।
- मार्जिन प्रेशर: कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
आने वाले समय में निवेशकों को कंपनी के अगली अर्निंग रिपोर्ट्स पर नजर रखनी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि इन प्रोजेक्ट्स का कंपनी की बैलेंस शीट और ऑपरेटिंग मार्जिन पर कैसा असर पड़ रहा है।
