Skipper Ltd ने बोर्ड में बदलाव करते हुए रबिंद्र नाथ नायक को **5** साल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही, कंपनी ने 'Evergrid' नाम से एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाने का फैसला किया है, जिसमें **₹1 करोड़** का शुरुआती निवेश किया जाएगा।
बोर्ड का विस्तार और नई रणनीति
कंपनी ने रबिंद्र नाथ नायक को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट) के पद पर 5 साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 12 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगी और 11 अक्टूबर, 2031 तक जारी रहेगी। अभी इस नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी (Postal Ballot के जरिए) मिलनी बाकी है।
नई सब्सिडियरी Evergrid पर दांव
कंपनी ने अपने EPC और ट्रांसमिशन बिजनेस को गति देने के लिए एक नई इकाई, 'Evergrid Pvt. Ltd' की स्थापना को मंजूरी दी है। यह पूरी तरह से Skipper Ltd के स्वामित्व वाली कंपनी होगी। इस नई इकाई के लिए ₹25 करोड़ की अधिकृत पूंजी (Authorized Capital) रखी गई है, जिसमें फिलहाल ₹1 करोड़ की शुरुआती पूंजी लगाने की योजना है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह से बिजनेस को अलग (Ring-fence) करने से कंपनी अपने ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स पर बेहतर फोकस कर पाएगी और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट्स जीतने में अधिक कुशलता आएगी। कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति कंपनी के लिए एक सकारात्मक कदम है।
आगे क्या देखना होगा?
अब निवेशकों की नजर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) से मिलने वाली मंजूरी और पोस्टल बैलेट के नतीजों पर होगी। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि Evergrid कंपनी के कुल ऑर्डर बुक में क्या योगदान देती है।
