Siyaram Silk Mills को NCLT से मिली हरी झंडी! शेयरधारकों को मिलेंगे बम्पर बोनस प्रेफरेंस शेयर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Siyaram Silk Mills को NCLT से मिली हरी झंडी! शेयरधारकों को मिलेंगे बम्पर बोनस प्रेफरेंस शेयर

Siyaram Silk Mills का बड़ा ऐलान! कंपनी के प्रेफरेंस शेयर जारी करने की योजना को NCLT से मंजूरी मिल गई है। अब हर इक्विटी शेयर पर **4 सीरीज I** और **3 सीरीज II** प्रेफरेंस शेयर मिलेंगे, जिससे शेयरधारकों को अतिरिक्त वैल्यू और लिक्विडिटी मिलेगी।

NCLT ने Siyaram Silk Mills की बोनस प्रेफरेंस शेयर योजना को दी मंजूरी

Siyaram Silk Mills के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच ने कंपनी की स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ, कंपनी अपने मौजूदा इक्विटी शेयरधारकों को बोनस प्रेफरेंस शेयर जारी कर सकेगी। NCLT ने इस इश्यू को 21.07.2026 को मंजूरी दी है।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

इस फैसले से शेयरधारकों को कंपनी के जमा हुए सरप्लस रिजर्व (surplus reserves) का फायदा मिलेगा। कंपनी की योजना के अनुसार, हर इक्विटी शेयर के बदले 4 सीरीज I और 3 सीरीज II प्रेफरेंस शेयर जारी किए जाएंगे। ये प्रेफरेंस शेयर 9% सालाना कूपन रेट के साथ आएंगे और इन्हें 3 से 5 साल में रिडीम किया जाएगा। साथ ही, इन शेयर्स को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करने की भी योजना है, जिससे इन्हें ट्रेड करना आसान हो जाएगा।

यह फैसला क्यों अहम है?

Siyaram Silk Mills ने अपने मुनाफे से काफी बड़ी मात्रा में सरप्लस रिजर्व जमा कर लिया है, जिसे कंपनी अपनी वर्तमान और भविष्य की जरूरतों से ज्यादा मान रही है। इस बोनस प्रेफरेंस शेयर इश्यू के जरिए, कंपनी इन अतिरिक्त फंड्स का इस्तेमाल कर शेयरधारकों को पुरस्कृत करना चाहती है। यह शेयरधारकों को अतिरिक्त वैल्यू देने के साथ-साथ लिक्विडिटी (liquidity) का विकल्प भी प्रदान करेगा।

आगे क्या?

NCLT से मंजूरी मिलने के बाद, अब कंपनी 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) की घोषणा करेगी। यह तारीख तय करेगी कि कौन से शेयरधारक इन बोनस प्रेफरेंस शेयर्स के हकदार होंगे। सीरीज I प्रेफरेंस शेयर्स की मैच्योरिटी 3 साल की होगी, जबकि सीरीज II 5 साल की होगी।

ध्यान रखने वाली बातें

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रेफरेंस शेयर, इक्विटी शेयर से अलग होते हैं। ये एक फिक्स्ड कूपन रेट देते हैं और एक तय समय पर रिडीम हो जाते हैं। इक्विटी शेयरों की तरह इनमें कैपिटल एप्रिसिएशन (capital appreciation) की संभावना कम होती है। इसके अलावा, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) टैक्स देनदारियों की जांच करने का अधिकार रखता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.