सिंधु ट्रेड लिंक्स ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹38.74 करोड़** हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में **₹18.79 करोड़** था। इसी के साथ कंपनी ने Advent Coal Resources और Sainik Mining के अधिग्रहण की भी घोषणा की है।
मुनाफा और अधिग्रहण: तिमाही के मुख्य आकर्षण
सिंधु ट्रेड लिंक्स लिमिटेड ने 27 जून को अपनी पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे पेश किए। कंपनी ने ₹38.74 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹18.79 करोड़ की तुलना में करीब 106% की बढ़ोतरी है। हालांकि, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू थोड़ा घटकर ₹129.21 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹165.34 करोड़ था।
Standalone लेवल पर, रेवेन्यू ₹113.93 करोड़ रहा (पिछले साल ₹120.63 करोड़)। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹6.26 करोड़ से बढ़कर ₹4.28 करोड़ हो गया। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में ₹37.27 करोड़ का योगदान एसोसिएट्स और जॉइंट वेंचर्स से मिले मुनाफे का है।
रणनीतिक विस्तार: माइनिंग सेक्टर में बड़ी चाल
इस तिमाही के नतीजों के साथ, कंपनी ने दो बड़े अधिग्रहण की घोषणा की है, जो इसके बिजनेस पोर्टफोलियो को और मजबूत करेंगे। सिंधु ट्रेड लिंक्स सिंगापुर की Advent Coal Resources Pte. Ltd. में 78.26% हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके अलावा, Sainik Mining and Allied Services Limited में 50.1% स्टेक का अधिग्रहण भी किया जाएगा।
इन अधिग्रहणों के लिए फंड जुटाने के लिए, कंपनी 30.05 करोड़ इक्विटी शेयर और 9.72 करोड़ कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) जारी करेगी।
नेतृत्व में बदलाव और भविष्य की रणनीति
कंपनी ने अपने नेतृत्व में भी बदलाव किए हैं। मिस्टर विकास सिंह हुड्डा को नया CEO और मिस्टर अंकुर गुप्ता को नया CFO नियुक्त किया गया है। बोर्ड में नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स भी शामिल हुए हैं, जबकि कुछ पुराने डायरेक्टर्स का कार्यकाल समाप्त हो गया है या उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। ये बदलाव कंपनी के नए ग्रोथ स्ट्रेटेजी की ओर इशारा कर रहे हैं।
निवेशक ध्यान दें: संभावित जोखिम
हालांकि, अधिग्रहण और नए नेतृत्व से कंपनी के विस्तार की उम्मीद है, वहीं कुछ जोखिम भी हैं। नए अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना एक चुनौती हो सकती है। इसके अलावा, नए शेयर्स और CCPS जारी होने से मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए डाइल्यूशन का खतरा भी है। नए मैनेजमेंट के तहत स्ट्रेटेजिक प्लान्स का एग्जीक्यूशन महत्वपूर्ण होगा।
