Sindhu Trade Links अपनी 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 26 सितंबर 2026 को आयोजित करेगी। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कमजोर वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जबकि कोयला खनन क्षेत्र में विस्तार के लिए शेयर होल्डर्स से मंजूरी मांगी जा रही है।
फिसला कंपनी का प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजों में कंपनी की स्थिति कमजोर रही है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹2,292.70 करोड़ से घटकर इस बार ₹579.65 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹121.59 करोड़ से गिरकर ₹57.44 करोड़ रह गया है। मैनेजमेंट ने इस गिरावट की वजह ओवरसीज कोल ट्रेडिंग सेगमेंट में आए अनुवाद प्रभावों (translation effects) को बताया है।
एजीएम का एजेंडा
26 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे:
- डायरेक्टरों की नियुक्ति: इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों की फिर से नियुक्ति के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
- ट्रांजैक्शन: अगले दो फाइनेंशियल इयर्स के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये के हाई-वैल्यू रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के लिए मंजूरी मांगी जाएगी।
रिस्क और चुनौतियां
कंपनी ने Advent Coal Resources Pte. Ltd. और Sainik Mining and Allied Services Limited के अधिग्रहण के जरिए कोयला पोर्टफोलियो बढ़ाने की रणनीति बनाई है। हालांकि, इस विस्तार के लिए इक्विटी शेयर और Compulsorily Convertible Preference Shares (CCPS) का सहारा लिया जा रहा है, जिससे मौजूदा शेयर होल्डर्स की वैल्यू डाइल्यूट होने का रिस्क है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को ACB (India) Limited और Aryavrat Labtech के साथ होने वाले बड़े ट्रांजैक्शन्स पर बारीक नजर रखनी होगी। साथ ही, नए कोयला एसेट्स से होने वाली कमाई कंपनी के गिरते मुनाफे को कितनी जल्दी सहारा देगी, यह देखना सबसे अहम होगा।
