Sihora Industries के FY26 नतीजों में मिला-जुला असर दिखा है। कंपनी का रेवेन्यू **29.9%** बढ़कर **₹18.92 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन बढ़े हुए खर्चों की वजह से नेट प्रॉफिट **48.3%** घटकर **₹0.97 करोड़** रह गया है। कंपनी ने ग्रोथ पर ध्यान देने के लिए इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह
Sihora Industries के लिए यह IPO के बाद का पहला पूर्ण फाइनेंशियल ईयर रहा है। कंपनी के मुनाफे में आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे, डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट हैं, जो कंपनी के नए एक्सपेंशन प्लान्स से जुड़े हैं। पिछ्ले साल के ₹1.87 करोड़ के प्रॉफिट के मुकाबले इस बार यह ₹0.97 करोड़ पर आ गया है, और EPS भी ₹5.01 से गिरकर ₹2.16 रह गया है।
सेगमेंट के आधार पर प्रदर्शन
कंपनी के रेवेन्यू में ग्रोथ के पीछे 'जिपर' (Zipper) और 'इलास्टिक' (Elastic) सेगमेंट का बड़ा हाथ रहा है। जिपर सेगमेंट में 86.9% का जबरदस्त उछाल देखा गया और रेवेन्यू ₹7.78 करोड़ रहा, जबकि इलास्टिक प्रोडक्ट्स भी अच्छी स्थिति में दिखे। हालांकि, नैरू वोवन फैब्रिक्स (Narrow Woven Fabrics) सेगमेंट का रेवेन्यू थोड़ा धीमा होकर ₹7.96 करोड़ रहा, क्योंकि कंपनी अपना फोकस अब हाई वैल्यू-एडेड गुड्स की तरफ शिफ्ट कर रही है।
IPO फंड्स का क्या हुआ?
कंपनी ने अपने IPO से ₹10.56 करोड़ जुटाए थे। इसमें से ₹9.70 करोड़ का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर और अन्य खर्चों में किया गया है। बाकी बचा ₹0.86 करोड़ ICICI Bank के फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को अब कंपनी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और बढ़ते खर्चों को कंट्रोल करने की क्षमता पर नजर रखनी होगी। फिलहाल कंपनी ने ग्रोथ को प्राथमिकता देते हुए कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है।
