Siemens Ltd को NCLT से बड़ी राहत मिली है। कंपनी की सब्सिडियरी Siemens Rail Automation के विलय (Merger) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ट्रिब्यूनल ने शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की मीटिंग की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है।
मर्जर की प्रक्रिया में तेजी
NCLT की मुंबई बेंच ने 7 सितंबर 2026 को यह आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद, Siemens Rail Automation Private Limited का पैरेंट कंपनी Siemens Ltd में विलय करने की कानूनी प्रक्रिया अब और तेज हो जाएगी। चूंकि यह एक 'होलली ओन्ड' (Wholly Owned) सब्सिडियरी है, इसलिए ट्रिब्यूनल ने इक्विटी शेयरहोल्डर्स और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स की औपचारिक बैठक बुलाने की जरूरत को हटा दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह प्रक्रियात्मक बदलाव विलय के काम में आने वाली देरी को खत्म करेगा, जिससे कंपनी का स्ट्रक्चर बेहतर होगा। कंपनी ने 4 सितंबर 2026 तक के इक्विटी शेयरहोल्डर्स और 31 अगस्त 2026 तक के क्रेडिटर्स को इस फैसले की जानकारी दी है।
आगे का रास्ता
Siemens ने स्पष्ट किया है कि भले ही विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स के अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। मर्जर के बाद भी सभी बकाया और दावों का भुगतान सामान्य बिजनेस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। अब कंपनी इस विलय को अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक रेगुलेटरी फाइलिंग और कानूनी चरणों को पूरा करेगी। निवेशकों को अब विलय की अंतिम समयसीमा (Timeline) पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
