Sicagen India Ltd की 22वीं AGM संपन्न हुई, जिसमें निवेशकों के लिए **10%** डिविडेंड को मंजूरी मिली है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹982.15 करोड़** रहा, हालांकि ऊंचे इनपुट कॉस्ट के चलते मुनाफे पर दबाव देखा गया है।
डिविडेंड और नतीजों का लेखा-जोखा
Sicagen India की हालिया एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों को बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने 10% इक्विटी डिविडेंड का ऐलान किया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹982.15 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹899.94 करोड़ था। हालांकि, स्टैंडअलोन प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 15% की गिरावट आई है और यह ₹17.38 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹20.02 करोड़ था। मुनाफे में आई इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स का दबाव है।
नई रणनीति और विस्तार
कंपनी अब अपने बिल्डिंग मटीरियल बिजनेस को रिस्ट्रक्चर कर रही है और खराब प्रदर्शन करने वाली शाखाओं को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। भविष्य की ग्रोथ के लिए, Sicagen अपने इंडस्ट्रियल पैकेजिंग डिवीजन को बढ़ा रही है। चेन्नई में HDPE बैरल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए कंपनी ₹14.50 करोड़ का भारी निवेश कर रही है। इसकी सालाना क्षमता 2.10 लाख बैरल होगी और फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।
रिस्क और आगे की राह
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण स्टील और केमिकल्स की कीमतों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे मार्जिन्स पर असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अब चेन्नई वाले नए प्लांट के सफल कमिशनिंग और कंपनी के 'पावर एंड कंट्रोल सिस्टम्स' व 'स्पेशलिटी केमिकल्स' डिवीजन के प्रदर्शन पर होगी।
