Shyam Metalics and Energy को NCLT Kolkata से अपनी सब्सिडियरी Shree Venkateshwara Electrocast को Shyam Sel and Power में विलय करने की मंजूरी मिल गई है। इस रिस्ट्रक्चरिंग से कंपनी अपने एल्युमीनियम फॉयल कारोबार को आसान बनाएगी और टैक्स बेनिफिट्स का फायदा उठाएगी।
विलय का क्या होगा असर?
NCLT कोलकाता बेंच ने Shree Venkateshwara Electrocast Private Limited (SVEPL) के Shyam Sel and Power Limited (SSPL) में विलय की योजना को हरी झंडी दे दी है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी माना जाएगा। चूँकि SVEPL पहले से ही एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी थी, इसलिए इस प्रक्रिया में कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे।
टैक्स बचत का गणित
इस विलय का सबसे बड़ा फायदा इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 72A के तहत मिलेगा। कंपनी अब अपने पुराने घाटे और अनएब्जॉर्ब्ड डिप्रिसिएशन (unabsorbed depreciation) को भविष्य के प्रॉफिट के खिलाफ एडजस्ट कर सकेगी, जिससे सीधा कैश-फ्लो में सुधार होगा।
मैनेजमेंट का विजन
Shyam Metalics के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बृज भूषण अग्रवाल ने बताया कि यह कदम एल्युमीनियम फॉयल बिजनेस को एक नई दिशा देगा। इससे न केवल एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ कम होगा, बल्कि ऑपरेशन्स में भी जबरदस्त लचीलापन आएगा। अब कंपनी अपने वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर बेहतर तरीके से फोकस कर पाएगी।
