Shyam Metalics and Energy Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **22%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹18,552 करोड़ पर पहुँच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी **16.6%** का उछाल आया है।
कैसे हासिल की ये ग्रोथ?
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹18,552 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹15,389.26 करोड़ की तुलना में 22% ज़्यादा है। EBITDA में 25% की बढ़त के साथ यह ₹2,536.65 करोड़ रहा। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹909.26 करोड़ से बढ़कर ₹1,060.17 करोड़ हो गया, जो 16.6% की बढ़ोतरी है। कंपनी का नेट कैश पोजीशन ₹378 करोड़ रहा और डेट-टू-इक्विटी रेश्यो महज़ 0.08x पर है, जो कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
कंपनी के लिए ये क्यों मायने रखता है?
यह नतीजे कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और इंटीग्रेटेड 'Ore to Metal' बिजनेस मॉडल की ताकत को दिखाते हैं। बढ़ती वॉल्यूम और बेहतर एसेट यूटिलाइजेशन ने कंपनी को स्टील की कीमतों में नरमी के बावजूद ग्रोथ बनाए रखने में मदद की।
भविष्य की योजनाएं
Shyam Metalics ने भविष्य के विस्तार के लिए ₹6,660 करोड़ के बड़े कैपेक्स (Capex) को मंजूरी दी है। इसमें SBQ Mill के लिए ₹900 करोड़ और स्टेनलेस स्टील विस्तार के लिए ₹1,800 करोड़ शामिल हैं। कंपनी इन निवेशों को अपने आंतरिक कैश फ्लो से फंड करने की योजना बना रही है।
किन बातों पर रखें नज़र?
निवेशकों को दो मुख्य बातों पर ध्यान देना होगा। पहला, एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने कोयला खनन जांच से जुड़े कंपनी के ₹159.48 करोड़ के निवेश को अटैच किया है। यह रेगुलेटरी रिस्क कंपनी के लिए एक चिंता का विषय बन सकता है। दूसरा, चीनी स्टील एक्सपोर्ट के कारण कीमतों पर पड़ने वाला दबाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
अब देखना यह होगा कि कंपनी नए कैपेक्स प्रोजेक्ट्स को कितनी जल्दी पूरा करती है और उनसे प्रोडक्शन वॉल्यूम पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, ED की जांच का क्या नतीजा निकलता है, यह भी कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
