Shyam Century Ferrous: मैन्युफैक्चरिंग बंद होने के बाद भी मुनाफे में कंपनी, Q2 में कमाए **₹1.54 करोड़**

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shyam Century Ferrous: मैन्युफैक्चरिंग बंद होने के बाद भी मुनाफे में कंपनी, Q2 में कमाए **₹1.54 करोड़**

Shyam Century Ferrous ने सितंबर तिमाही के लिए **₹1.54 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने अब पूरी तरह मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी है और इसका पूरा ध्यान अब निवेश (Investment) से होने वाली कमाई पर है।

मुनाफे का नया मॉडल

Shyam Century Ferrous ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का मुनाफा उसके कोर ऑपरेशंस से नहीं, बल्कि इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो से आया है। कंपनी ने मई 2025 में ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद कर दी थीं, जिसका असर रेवेन्यू पर साफ दिख रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू घटकर सिर्फ ₹0.37 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹7.23 करोड़ था। हालांकि, अन्य स्रोतों से हुई कमाई (Other Income) की बदौलत कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹0.80 करोड़ से बढ़कर ₹1.54 करोड़ हो गया है।

गवर्नेंस और मैनेजमेंट में बदलाव

कंपनी ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी किया है। बोर्ड ने कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर रितु अग्रवाल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उनका इस्तीफा 30 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगा।

आगे का रास्ता और रिस्क

फिलहाल कंपनी के पास मैन्युफैक्चरिंग एसेट्स हैं, जिन्हें 'नॉन-करंट एसेट्स हेल्ड फॉर सेल' के रूप में क्लासिफाई किया गया है। कंपनी की भविष्य की दिशा पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि वे नए बिजनेस वर्टिकल के लिए क्या फैसला लेते हैं। निवेशकों को अब मेघालय स्थित एसेट्स को बेचने और नई व्यावसायिक संभावनाओं की तलाश से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए। बोर्ड और ऑडिटर्स ने स्पष्ट किया है कि कंपनी अभी भी 'गोइंग कंसर्न' है और उसके पास पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.