Shrydus Industries: बड़े संकट में कंपनी! भारी घाटा, ऑडिटर का इस्तीफा और SEBI की सख्ती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shrydus Industries: बड़े संकट में कंपनी! भारी घाटा, ऑडिटर का इस्तीफा और SEBI की सख्ती

Shrydus Industries के लिए FY26 बेहद खराब रहा है। कंपनी का मुनाफा घाटे में बदल गया है और रेवेन्यू में भी भारी गिरावट आई है। साथ ही, कंपनी पर गंभीर रेगुलेटरी लापरवाही के आरोप लगे हैं और ऑडिटर ने भी इस्तीफा दे दिया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का बुरा हाल

कंपनी के हालिया रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में रेवेन्यू गिरकर ₹20 लाख पर आ गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹4.51 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पहले ₹73.41 लाख था, अब ₹5.20 लाख के घाटे में तब्दील हो चुका है।

गंभीर गवर्नेंस और रेगुलेटरी मुद्दे

निवेशकों की चिंता तब और बढ़ गई जब कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा, कंपनी SEBI के LODR नियमों का पालन करने में विफल रही है। इसमें वेबसाइट अपडेट न करना, फाइनेंशियल रिजल्ट्स पब्लिश करने में देरी और मार्च 2025 की तिमाही में बोर्ड मीटिंग न कर पाना शामिल है।

सब्सिडियरी पर ताला

कंपनी के लिए एक और बड़ा झटका उसकी UAE स्थित सब्सिडियरी, Roopyaa General Trading Co. LLC से आया है। इस कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और इसने इस फाइनेंशियल ईयर में कोई रेवेन्यू भी नहीं कमाया है।

आगे क्या?

कंपनी की अगली 43वीं AGM 29 सितंबर, 2026 को होने वाली है। शेयरधारकों की नजर इस बात पर होगी कि मैनेजमेंट नए ऑडिटर की नियुक्ति और गवर्नेंस की समस्याओं को हल करने के लिए क्या रोडमैप पेश करता है। तब तक निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.