Shri Dinesh Mills FY26 नतीजे: मुनाफा गिरा, FELT बिजनेस डीमर्जर को मिली मंजूरी
Shri Dinesh Mills ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹67.33 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹79.19 करोड़ से कम है। कंसॉलिडेटेड आधार पर भी रेवेन्यू घटकर ₹67.72 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹79.64 करोड़ था।
मुनाफे में भी गिरावट दर्ज की गई है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹8.71 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹10.51 करोड़ था। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹7.86 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹13.63 करोड़ था।
प्रमुख कॉर्पोरेट एक्शन
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन, FELT बिजनेस को एक अलग एंटिटी में डीमर्ज करने के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, शेयरधारकों के लिए ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की गई है। कंपनी ने M/s. Dhirubhai Shah & Co. LLP को वित्तीय वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाले पांच साल के लिए अपना नया स्टैट्यूटरी ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
रणनीतिक कदम और वित्तीय प्रदर्शन
घटते रेवेन्यू और मुनाफे वाले इस चुनौतीपूर्ण वित्तीय वर्ष के बावजूद, Shri Dinesh Mills अपने FELT बिजनेस को डीमर्ज करने जैसा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठा रही है। इस अलगाव का उद्देश्य वैल्यू को अनलॉक करना या मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों पर अधिक फोकस करने की अनुमति देना है। प्रस्तावित डिविडेंड निवेशकों को सीधा रिटर्न प्रदान करता है, जबकि नए ऑडिटर की नियुक्ति वित्तीय निगरानी की निरंतरता सुनिश्चित करती है।
आगे क्या उम्मीद करें
शेयरधारकों को FELT बिजनेस के डीमर्जर की प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखनी होगी, जिसके लिए विभिन्न रेगुलेटरी और NCLT अप्रूवल की आवश्यकता होगी। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें मैनेजमेंट की कमाई में हालिया गिरावट को पलटने की रणनीति पर जोर होगा। अगले पांच वर्षों के लिए नए ऑडिटर की नियुक्ति भी कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग को आकार देगी।
संभावित जोखिम
मुख्य जोखिम FELT बिजनेस डीमर्जर के लिए अनिश्चितता और लंबी अप्रूवल प्रक्रिया से जुड़ा है। रेवेन्यू और मुनाफे में साल-दर-साल की कमी भी एक चुनौती है जिसे मैनेजमेंट को संबोधित करना होगा।
