Shri Dinesh Mills: FELT बिज़नेस हुआ अलग, ₹1.50 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shri Dinesh Mills: FELT बिज़नेस हुआ अलग, ₹1.50 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

श्री दिनेश मिल्स के बोर्ड ने कंपनी के FELT (टेक्निकल टेक्सटाइल्स) बिज़नेस को अलग करने की मंज़ूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है। हालांकि, बढ़े हुए ओवरहेड्स के चलते मुनाफे में गिरावट आई है।

श्री दिनेश मिल्स ने FELT बिज़नेस डीमार्जर और डिविडेंड को दी मंज़ूरी

श्री दिनेश मिल्स लिमिटेड (Shri Dinesh Mills Ltd.) ने हाल ही में हुए बोर्ड मीटिंग में कई अहम फैसले लिए हैं। कंपनी ने अपने FELT (टेक्निकल टेक्सटाइल्स) बिज़नेस को एक अलग कंपनी में डीमर्ज (Demerge) करने की सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है। इसके साथ ही, शेयरधारकों को तोहफा देते हुए कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) का भी प्रस्ताव रखा है।

कंपनी के नतीजे

कंपनी ने अपने फाइनेंशियल नतीजे भी जारी किए हैं। इस बार रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में मामूली 1.55% की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल के ₹66.30 करोड़ से बढ़कर ₹67.33 करोड़ हो गया है। हालांकि, बढ़े हुए ओवरहेड खर्चे (Overhead expenses) के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit after tax) 16.48% गिर गया है, जो पिछले साल के ₹10.50 करोड़ से घटकर ₹8.77 करोड़ रह गया है।

डीमार्जर का मकसद

FELT बिज़नेस को अलग करने का मुख्य उद्देश्य इस सेगमेंट को एक स्वतंत्र पहचान देना और इसके वैल्यू को अनलॉक करना है। इससे मैनेजमेंट को इस खास बिज़नेस पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।

आगे क्या?

डीमार्जर की प्रक्रिया को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और अन्य ज़रूरी रेगुलेटरी अप्रूवल्स (Regulatory approvals) से गुज़रना होगा। कंपनी ने अंतरिम प्रबंधन के लिए अपने FELT और रेजिडुअल (Residual) बिज़नेस वर्टिकल्स को पहले ही अलग कर दिया है। कंपनी ने अगले 5 सालों के लिए एक नए स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory auditor) के नाम का भी प्रस्ताव दिया है।

जोखिम और चिंताएं

डीमार्जर के लिए NCLT और रेगुलेटरी अप्रूवल्स की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, बढ़ते ओवरहेड खर्चे मुनाफे पर दबाव बना रहे हैं, जिस पर कंपनी को ध्यान देना होगा। इंपोर्टेड रॉ मटेरियल (Imported raw materials) पर निर्भरता और ग्लोबल मार्केट में आने वाले उतार-चढ़ाव भी कंपनी के लिए चिंता का विषय हैं।

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