Shree Rama Newsprint: ₹9.38 करोड़ का घाटा, ऑडिटर ने जताई गंभीर चिंता!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Shree Rama Newsprint: ₹9.38 करोड़ का घाटा, ऑडिटर ने जताई गंभीर चिंता!

Shree Rama Newsprint ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **₹9.38 करोड़** का घाटा दर्ज किया है। कंपनी के ऑडिटर ने निगेटिव वर्किंग कैपिटल के चलते 'गोइंग कंसर्न' (लगातार चलते रहने की क्षमता) पर सवाल उठाए हैं।

Shree Rama Newsprint: भारी घाटे और ऑडिटर की चेतावनी से बढ़ी चिंता

Shree Rama Newsprint लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹9.38 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹8.11 करोड़ के घाटे से थोड़ा ज्यादा है। वहीं, कंपनी की टोटल इनकम ₹11.39 करोड़ रही।

ऑडिटर की गंभीर चेतावनी

कंपनी के नतीजों में सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसके स्टेट्यूटरी ऑडिटर, M/s. Batliboi & Purohit ने 'गोइंग कंसर्न' यानी कंपनी की भविष्य में अपने कामकाज को जारी रखने की क्षमता पर 'मटेरियल अनिश्चितता' (महत्वपूर्ण अनिश्चितता) जताई है। यह चेतावनी कंपनी की वित्तीय स्थिति के कारण दी गई है, जहां 30 जून, 2026 तक कंपनी की करंट लायबिलिटीज (चालू देनदारियां) करंट एसेट्स (चालू संपत्तियां) से ₹126.25 करोड़ ज्यादा थीं।

पुराने वित्तीय झटके

कंपनी पहले से ही वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। इसने FY 2022-23 से अपने पेपर डिवीजन को 'डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशन' (बंद की गई इकाई) के तौर पर वर्गीकृत किया हुआ है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में, इन बंद संपत्तियों पर ₹27.84 करोड़ का इंपेयरमेंट लॉस (मूल्य में कमी का नुकसान) दर्ज किया गया था।

आगे क्या?

कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए नॉन-कोर एसेट्स (गैर-प्रमुख संपत्तियों) को बेचने की योजना बना रही है। हालांकि, ऑडिटर की चेतावनी कंपनी के भविष्य के कामकाज पर एक सवालिया निशान लगाती है। शेयरहोल्डर्स अब इन एसेट की बिक्री की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे।

मुख्य जोखिम

कंपनी के सामने सबसे बड़ा जोखिम यह है कि वह अपने भारी निगेटिव वर्किंग कैपिटल को कैसे मैनेज करती है और अपनी शॉर्ट-टर्म देनदारियों को कैसे पूरा करती है। ऑडिटर की रिपोर्ट सीधे तौर पर कंपनी की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठा रही है।

भविष्य पर नजर

निवेशकों को कंपनी द्वारा नॉन-कोर एसेट्स की बिक्री में हो रही प्रगति और किसी भी फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग (वित्तीय पुनर्गठन) के प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी के अगले तिमाही नतीजे और ऑडिटर की कोई भी नई टिप्पणी महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.