Shree Rama Newsprint Limited की FY26 एनुअल रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹33.95 करोड़** पहुंच गया है। साल 2021 से मुख्य पेपर डिवीजन बंद होने और नेट वर्थ निगेटिव होने के कारण ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी 35वीं एनुअल रिपोर्ट फाइल की है। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹28.61 करोड़ से बढ़कर ₹33.95 करोड़ हो गया है। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी घटकर ₹32.18 करोड़ रह गया है, जो कि पिछले साल ₹44.13 करोड़ था। कंपनी की 35वीं AGM 25 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
ऑडिटर्स की चेतावनी
कंपनी की बैलेंस शीट पर गहरा संकट मंडरा रहा है। ऑडिटर्स ने साफ कहा है कि कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' बने रहने पर अनिश्चितता है। फिलहाल कंपनी की करंट लायबिलिटीज उसके करंट एसेट्स से ₹121.53 करोड़ ज्यादा है।
बिजनेस ऑपरेशंस का हाल
कंपनी का मुख्य पेपर डिवीजन दिसंबर 2021 से ही बंद है। इस डिवीजन को बेचने की कोशिशें जारी हैं, जिस पर कंपनी ने ₹27.84 करोड़ का इम्पेयरमेंट लॉस भी दर्ज किया है। फिलहाल कंपनी का एकमात्र चालू बिजनेस 'पैकेज्ड वॉटर बॉटलिंग' है, लेकिन इसका प्रोडक्शन भी 42.37 लाख केस से गिरकर 32.71 लाख केस पर आ गया है।
आगे क्या?
शेयरधारकों के लिए अब मुख्य फोकस कंपनी की उन एसेट्स को बेचने पर है जो फिलहाल निष्क्रिय पड़ी हैं, ताकि लिक्विडिटी की समस्या से निपटा जा सके। साथ ही, सूरत कलेक्टर के साथ चल रहा 121,302 स्क्वायर मीटर जमीन का कानूनी विवाद भी निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
