Shree Rama Multi-Tech Q1 FY27: रेवेन्यू में 45% का उछाल, मुनाफा 9.6% बढ़ा

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Shree Rama Multi-Tech Q1 FY27: रेवेन्यू में 45% का उछाल, मुनाफा 9.6% बढ़ा

Shree Rama Multi-Tech ने Q1 FY27 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में 45.47% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो ₹80.52 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट 9.66% बढ़कर ₹8.06 करोड़ रहा। इसके साथ ही, बोर्ड ने प्रेफरेंस शेयर रिडेम्पशन को 5 साल के लिए बढ़ाने और हेमल आर. शाह की होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Shree Rama Multi-Tech के Q1 FY27 के शानदार नतीजे

Shree Rama Multi-Tech लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 45.47% का भारी उछाल देखा गया, जो बढ़कर ₹80.52 करोड़ हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 9.66% की वृद्धि हुई और यह ₹7.35 करोड़ से बढ़कर ₹8.06 करोड़ पर पहुंच गया। बेसिक ईपीएस (EPS) में भी 9.43% का सुधार हुआ और यह ₹0.58 रहा।

अहम फैसले और नियुक्तियां

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 7.67 लाख 15% क्युमुलेटिव रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स के रिडेम्पशन (परिपक्वता) को 5 साल के लिए आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, हेमल आर. शाह को 3 साल के लिए होल-टाइम डायरेक्टर के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है, जिसकी प्रभावी तिथि 27 नवंबर 2026 होगी। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी।

ऑडिटर की रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड कंक्लूजन'

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर ने अपनी रिव्यू रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड कंक्लूजन' दिया है। यह क्वालिफिकेशन कंपनी की पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी, Shree Rama (Mauritius) Limited के खातों को कंसॉलिडेट (एकीकृत) न करने से संबंधित है। कंपनी का मैनेजमेंट का कहना है कि मॉरीशस कानून के तहत सहायक कंपनी को 'डिफंक्ट' (निष्क्रिय) घोषित कर दिया गया है और पहले ही निवेश मूल्य में कमी के लिए प्रोविजन्स (प्रावधान) किए जा चुके हैं।

निवेशकों के लिए क्या मायने

जहां रेवेन्यू में ज़बरदस्त ग्रोथ कंपनी की बढ़ती डिमांड और मार्केट में पकड़ को दर्शाती है, वहीं प्रॉफिट ग्रोथ (जो रेवेन्यू से धीमी है) यह बताती है कि कंपनी लागतों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर रही है। प्रेफरेंस शेयर रिडेम्पशन की अवधि बढ़ाना कंपनी को वित्तीय लचीलापन देगा। हालांकि, ऑडिटर की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' एक बार फिर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और मॉरीशस सब्सिडियरी से जुड़े पारदर्शिता के मुद्दों पर चिंताएं बढ़ाती है, जिन पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन पर कंपनी से किसी भी स्पष्टीकरण या समाधान का इंतजार करना चाहिए। आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू और प्रॉफिट की ग्रोथ, लागत प्रबंधन, और आगामी AGM (25 सितंबर 2026) में शेयरधारकों के फैसले अहम रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.