Shree Ram Twistex ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में **4.7%** का इजाफा हुआ है और यह **₹3.61 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी अपने IPO फंड के इस्तेमाल में भी बदलाव कर रही है, जिसमें **₹13.89 करोड़** का फंड मशीनरी विस्तार और लोन चुकाने में लगाया जाएगा।
Shree Ram Twistex के Q1 FY27 के नतीजे
Shree Ram Twistex Ltd. ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹3.61 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹3.44 करोड़ की तुलना में 4.7% अधिक है। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय (Total Income) ₹93.07 करोड़ रही।
इसके साथ ही, कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से मिले फंड के इस्तेमाल में एक अहम बदलाव की घोषणा की है, जिसे बोर्ड और शेयरधारकों दोनों की मंजूरी मिल गई है। पहले 4.2 MW का विंड पावर प्रोजेक्ट अब घटाकर 3.1 MW का कर दिया गया है, जिसके पूरा होने की अनुमानित समय-सीमा 6 महीने रखी गई है, जो पहले 15 महीने थी।
फंड के पुन: आवंटन का क्या है मतलब?
इस नतीजों से यह साफ है कि कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। लेकिन सबसे खास बात यह है कि IPO से मिले ₹13.89 करोड़ के फंड का पुन: आवंटन (Reallocation) कंपनी की बदली हुई रणनीति को दर्शाता है। इस राशि में से ₹8.63 करोड़ का इस्तेमाल SBI टर्म लोन चुकाने के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी पर कर्ज का बोझ कम होगा। बाकी बचे ₹5.26 करोड़ का निवेश मशीनरी के विस्तार के लिए किया जाएगा।
कर्ज कम करने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और फाइनेंस कॉस्ट में भी कमी आएगी। इसके अलावा, प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा करने के लिए कैपिटल का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी कंपनी का फोकस है।
पुरानी योजना क्या थी?
पहले Shree Ram Twistex लिमिटेड अपने IPO फंड का इस्तेमाल विंड पावर प्रोजेक्ट ( 4.2 MW ) सहित अन्य उद्देश्यों के लिए करने की योजना बना रही थी। अब प्रोजेक्ट का दायरा कम करने और बाकी फंड को अन्य जगहों पर लगाने का फैसला, कंपनी की तेज एग्जीक्यूशन और बेहतर वित्तीय सेहत की रणनीति का हिस्सा लगता है।
आगे क्या?
कंपनी अब बड़े विंड पावर प्रोजेक्ट की जगह कर्ज चुकाने और मशीनरी विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। निवेशकों की नजरें अब 3.1 MW के इस नए विंड पावर प्रोजेक्ट के 6 महीने के अंदर सफल समापन पर होंगी। कंपनी की इन बदली हुई योजनाओं को पूरा करने की क्षमता अहम साबित होगी।
जोखिम
- प्रोजेक्ट के दायरे में कमी: विंड पावर प्रोजेक्ट की क्षमता 4.2 MW से घटाकर 3.1 MW करना एक अहम बदलाव है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी 6 महीने की नई समय-सीमा का पालन कर पाती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को रिवाइज्ड विंड पावर प्रोजेक्ट की प्रगति और 6 महीने की समय-सीमा में इसके पूरा होने की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए। कर्ज में कमी का कंपनी के वित्तीय लाभ और भविष्य के मुनाफे पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा।
