Shree Rajeshwaranand Paper Mills ने अपने **1.2 करोड़** इक्विटी शेयरों के प्रीफरेंशियल इश्यू के लिए अलॉटियों की संशोधित सूची को मंजूरी दे दी है। **₹12 करोड़** के इस प्रस्ताव से कंपनी की इक्विटी संरचना में बड़ा बदलाव आएगा और अब कंपनी BSE से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल की मांग करेगी।
क्या है कंपनी का प्लान?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 8 अक्टूबर, 2026 को हुई बैठक में प्रीफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट की नई लिस्ट पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही, अगस्त और सितंबर में दी गई पुरानी फाइलिंग्स को अब रद्द कर दिया गया है। कंपनी अब ₹10 के फेस वैल्यू वाले 1.2 करोड़ शेयरों के लिए BSE से इन-प्रिंसिपल मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
यह कदम जुलाई 2025 से चल रही कंपनी की रीस्ट्रक्चरिंग योजना का एक अहम हिस्सा है। हालांकि, मौजूदा निवेशकों के लिए यह एक चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि यह नया इश्यू पोस्ट-अलॉटमेंट इक्विटी कैपिटल का लगभग 94.81% हिस्सा होगा। इसका सीधा मतलब है कि पुराने शेयरधारकों की हिस्सेदारी में भारी डायल्यूशन (Dilution) देखने को मिलेगा।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब BSE से मिलने वाली मंजूरी पर नजर रखनी चाहिए। अगर प्रक्रिया में कोई भी देरी होती है या अलॉटमेंट लिस्ट में दोबारा बदलाव किया जाता है, तो पूरी रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है। कंपनी की बैलेंस शीट और ऑपरेशनल लिक्विडिटी पर इस नए शेयर जारी करने का क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
