Shiva Texyarn ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन टर्नओवर ₹340.07 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹322.38 करोड़ से ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) गिरकर ₹9.72 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹11.78 करोड़ था। खास बात यह है कि कंपनी को डिफेंस मिनिस्ट्री से बड़े ऑर्डर मिले हैं।
Shiva Texyarn के नतीजे: टॉपलाइन बढ़ी, लेकिन मार्जिन पर दबाव
Shiva Texyarn लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने इस अवधि में ₹340.07 करोड़ का स्टैंडअलोन टर्नओवर दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹322.38 करोड़ के मुकाबले बढ़त दिखाता है। लेकिन, कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखा गया। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹11.78 करोड़ की तुलना में घटकर ₹9.72 करोड़ रह गया। वहीं, कंसोलिडेटेड PAT ₹10.21 करोड़ रहा। कंपनी की स्थापित स्पिंडल क्षमता 52,416 यूनिट्स बताई गई है।
डिफेंस ऑर्डर से मिली नई उम्मीद
कंपनी के नतीजों में सबसे खास बात यह है कि Shiva Texyarn को रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से महत्वपूर्ण ऑर्डर मिले हैं। इनमें 15,000 सेट एक्सट्रीम कोल्ड वेदर क्लॉदिंग सिस्टम (सूट) और अतिरिक्त 24,585 सेट शामिल हैं। रक्षा क्षेत्र में यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है, जिससे कंपनी को एक हाई-वैल्यू सेक्टर में विस्तार करने का मौका मिलेगा।
भविष्य की रणनीति: AI, रोबोटिक्स और नैनो-टेक्नोलॉजी
कंपनी सिर्फ टेक्सटाइल तक सीमित नहीं रहना चाहती। शेयरधारकों की मंजूरी से Shiva Texyarn अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव करने जा रही है ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और नैनो-टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी बिजनेस एक्टिविटीज को शामिल किया जा सके। यह कंपनी की भविष्य की ओर देखने वाली रणनीति को दर्शाता है, जिसका मकसद एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को अपनाना और अपनी मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस क्षमताओं का विस्तार करना है।
जोखिमों पर नजर
कंपनी के सामने कुछ परिचालन संबंधी जोखिम भी हैं। इनमें कॉटन की कीमतों में उतार-चढ़ाव, बिजली और अन्य इनपुट लागतों में बढ़ोतरी, और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता जैसी चुनौतियां शामिल हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक कारक, तेल की कीमतों में वृद्धि और सप्लाई चेन में रुकावटें भी चिंता का विषय बन सकती हैं।
क्या करें निवेशक?
निवेशकों की नजर अब डिफेंस ऑर्डर की सफल डिलीवरी, खासकर सप्लाई टाइमलाइन पर रहेगी। साथ ही, AI, रोबोटिक्स और नैनो-टेक्नोलॉजी में कंपनी की प्रगति भी अहम होगी। कच्चे माल की लागत को मैनेज करने और मार्जिन सुधारने की कंपनी की क्षमता भविष्य की लाभप्रदता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
कंपनी ने ₹0.60 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है।
