Shiva Cement के बोर्ड ने कंपनी का पैरेंट कंपनी JSW Cement में विलय करने की मंजूरी दे दी है। इस डील के तहत Shiva Cement के शेयरधारकों को हर 41 शेयरों के बदले JSW Cement के 5 शेयर मिलेंगे।
मर्जर की पूरी डिटेल्स
Shiva Cement Limited (SCL) के बोर्ड ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी पैरेंट कंपनी JSW Cement Limited (JCL) के साथ विलय की योजना को आधिकारिक हरी झंडी दे दी है। इस विलय की प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2026 तय की गई है। मौजूदा स्थिति में JCL के पास SCL की 66.23% हिस्सेदारी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस विलय का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशनल और फाइनेंशियल सिनर्जी को बढ़ाना है। ओड़िशा के सुंदरगढ़ स्थित SCL की 1.32 MTPA क्लिंकर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के जुड़ने से JSW Cement की सप्लाई चेन और अधिक मजबूत होगी। साथ ही, दो अलग-अलग लिस्टेड एंटिटी को मैनेज करने का प्रशासनिक खर्च भी कम होगा।
फाइनेंशियल तस्वीर
मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में JSW Cement का टर्नओवर ₹5,995.28 करोड़ और नेट वर्थ ₹7,029.47 करोड़ रही थी। वहीं, Shiva Cement का टर्नओवर ₹435.17 करोड़ रहा था और कंपनी की नेट वर्थ नेगेटिव यानी ₹30.08 करोड़ थी। इस डील में SCL के संचित घाटे को एडजस्ट करने के लिए सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट का उपयोग किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद Shiva Cement एक लिस्टेड कंपनी नहीं रहेगी। इसका मतलब है कि माइनॉरिटी शेयरधारकों की इक्विटी एक्सपोजर की प्रकृति पूरी तरह बदल जाएगी। अब निवेशकों को NCLT और बाकी रेगुलेटरी मंजूरियों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इसके बाद ही शेयर्स के अलॉटमेंट और डीलिस्टिंग की तारीखें साफ हो पाएंगी।
