Shiva Cement के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है! कंपनी को अपने खटकुर्बहल (नॉर्थ) ब्लॉक में डोलोमाइट (Dolomite) का खनन करने और उसे बेचने के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस (Environmental Clearance) और ऑपरेट करने की अनुमति मिल गई है। इस मंजूरी से कंपनी के लिए कमाई का एक नया ज़रिया खुलने वाला है, जो सीमेंट के अलावा होगा।
Detailed Coverage
अब डोलोमाइट बेचेगी Shiva Cement!
ओड़िशा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (Odisha State Pollution Control Board) ने Shiva Cement को डोलोमाइट खनन के लिए ज़रूरी परवानगियां दे दी हैं। अब कंपनी सालाना 24 लाख टन (2.4 million tonnes) डोलोमाइट निकाल सकेगी और उसे बाज़ार में बेच सकेगी।
क्यों यह खबर अहम है?
यह कदम Shiva Cement के लिए बहुत खास है क्योंकि अब यह सिर्फ सीमेंट और क्लिंकर बनाने वाली कंपनी नहीं रह जाएगी। डोलोमाइट की बिक्री से कंपनी को एक नया रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Stream) मिलेगा। कंपनी के पास कुल 8.9 करोड़ टन (89.09 million tonnes) डोलोमाइट का भंडार है, जिसमें से 4.8 करोड़ टन (48.27 million tonnes) का खनन किया जा सकता है।
आगे क्या होगा?
इस नई मंजूरी से Shiva Cement अपनी डोलोमाइट संपदा का इस्तेमाल करके सीधे कमाई कर सकेगी। यह कंपनी के लिए एक बड़ी खूबी है, जो इसे मिनरल सेक्टर में एक विविधतापूर्ण खिलाड़ी के तौर पर स्थापित करेगी। डोलोमाइट स्टील, सीमेंट, ग्लास और रिफ्रैक्टरी इंडस्ट्रीज के लिए एक ज़रूरी कच्चा माल है।
ध्यान रखने वाली बातें
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी कितनी तेज़ी से डोलोमाइट की बिक्री बढ़ा पाती है और इससे कंपनी के मुनाफे (Profit Margins) पर क्या असर पड़ता है।
