Shiva Cement ने H1 FY2027 के नतीजों में **₹264.19 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल **₹187.72 करोड़** था। कंपनी का घाटा कम होकर **₹44.20 करोड़** पर आ गया है, लेकिन भारी भरकम संचित नुकसान के कारण ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' बने रहने पर चिंता जताई है।
मुनाफे की ओर कदम या संकट का दौर?
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां एक ओर रेवेन्यू में ग्रोथ देखने को मिली है, वहीं दूसरी ओर ऑडिटर्स ने कंपनी की वित्तीय सेहत पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी का कुल घाटा बढ़कर ₹602.50 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसके चलते ऑडिटर्स ने 'मटेरियल अनिश्चितता' की बात कही है।
मर्जर और माइनिंग से उम्मीदें
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को पटरी पर लाने के लिए JSW Cement Ltd के साथ विलय की योजना को आगे बढ़ाया है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा ट्रिगर हो सकता है। इसके अलावा, अगस्त 2026 से कंपनी ने डोलोमाइट माइनिंग का काम भी शुरू कर दिया है, जिससे कैश फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है।
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें NCLT और अन्य रेग्युलेटरी अप्रूवल्स पर टिकी हैं। मर्जर प्रक्रिया में देरी निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, इसलिए अगले कुछ महीनों में माइनिंग यूनिट के सेल्स आंकड़े और मर्जर की प्रोग्रेस रिपोर्ट ट्रैक करना जरूरी होगा।
