Shipping Corporation of India Land and Assets Ltd (SCILAL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मुनाफे की रिपोर्ट दी है। कंपनी ने पिछले साल के घाटे से उबरते हुए **₹28.82 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और निवेशकों के लिए **₹0.55** प्रति शेयर डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की कहानी
कंपनी ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए पिछले साल के ₹189.38 करोड़ के भारी घाटे के मुकाबले इस बार ₹28.82 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है। वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 3.31% बढ़कर ₹106.77 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹103.35 करोड़ था। इस मुनाफे के साथ ही बोर्ड ने प्रति शेयर ₹0.55 के डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे अब सालाना आम बैठक (AGM) में मंजूरी की जरूरत होगी।
एसेट मैनेजमेंट और पार्टनरशिप
कंपनी के रेवेन्यू में स्थिरता का मुख्य कारण इसका 'मैरीटाइम ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' (MTI) है। हाल ही में MTI ने Synergy Marine Group और NBCC (India) Limited के साथ मॉडर्नाइजेशन और ट्रेनिंग विस्तार के लिए करार किया है। वहीं, पैरेंट कंपनी Shipping Corporation of India (SCI) से एसेट ट्रांसफर की प्रक्रिया जारी है। कोलकाता की फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टीज का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र की प्रमुख संपत्तियों के ट्रांसफर की कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है।
गवर्नेंस पर निवेशकों की नजर
कंपनी के सामने अभी भी कुछ चुनौतियां बाकी हैं। SEBI और DPE के नियमों के अनुसार, बोर्ड में इंडिपेंडेंट और महिला डायरेक्टर्स की नियुक्ति न होने के कारण कंपनी कुछ मानकों का पालन नहीं कर पा रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि एक PSU होने के नाते, ये नियुक्तियां केंद्र सरकार के अधीन हैं और इस पर काम चल रहा है। निवेशकों को आगे महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की अपडेट और बोर्ड में नई नियुक्तियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
