Shilp Gravures ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹97.87 करोड़ हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर ₹7 करोड़ तक पहुंच गया है। बोर्ड ने ₹2.10 प्रति शेयर के डिविडेंड की भी सिफारिश की है।
Shilp Gravures का FY26 में शानदार प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए Shilp Gravures के कंसोलिडेटेड नतीजे आ गए हैं। कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के मुकाबले रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹97.87 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹91.52 करोड़ से अधिक है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹7.00 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹3.71 करोड़ था।
निवेशकों को मिलेगा तोहफा?
कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने FY2025-26 के लिए ₹2.10 प्रति इक्विटी शेयर (यानी 21%) के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, यह सिफारिश शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगी, जो आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दी जाएगी।
एक खास वजह जिसने मुनाफे पर डाला असर
इस बार नतीजों में एक खास बात यह रही कि नए लेबर कोड्स के कारण रिटायरल बेनिफिट्स पर ₹2.52 करोड़ का अतिरिक्त प्रभाव दर्ज किया गया। यह एक नॉन-रिकरिंग (एक बार का) अकाउंटिंग चार्ज है जिसने रिपोर्ट किए गए मुनाफे को प्रभावित किया है।
मुख्य आंकड़े (Context Metrics)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY26: ₹97.87 करोड़ (FY25: ₹91.52 करोड़)
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26: ₹7.00 करोड़ (FY25: ₹3.71 करोड़)
- अर्निंग्स पर शेयर (EPS) FY26: ₹11.38 (FY25: ₹6.04)
निवेशक अब डिविडेंड को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और आने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे, साथ ही रिटायरल बेनिफिट्स चार्ज के एकमुश्त प्रभाव को भी ध्यान में रखेंगे।
