Shilp Gravures Limited ने बेंगलुरु में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट-II की शुरुआत की है। इस रणनीतिक विस्तार से कंपनी की ग्रेव्योर सिलेंडर बनाने की कुल क्षमता में **19%** से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
दक्षिण भारत पर कंपनी की नजर
बेंगलुरु में शुरू हुई यह नई फैसिलिटी आधुनिक एनग्रेविंग और प्रूफिंग टेक्नोलॉजी से लैस है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने दक्षिण भारतीय क्लाइंट्स के और करीब पहुंचना है, ताकि लॉजिस्टिक देरी को कम किया जा सके और टेक्निकल सपोर्ट को और बेहतर बनाया जा सके।
मैनेजमेंट का क्या है कहना?
कंपनी के डिप्टी सीईओ मनीष वसावडा ने बताया कि यह विस्तार दक्षिण भारत में कंपनी की लॉन्ग-टर्म रणनीति का हिस्सा है। नई यूनिट को ठीक उसी क्वालिटी और प्रिसिजन के साथ तैयार किया गया है, जिसके लिए Shilp Gravures जानी जाती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह विस्तार कंपनी के लिए बड़े ऑर्डर हासिल करने का रास्ता खोलता है। हालांकि, अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कितनी जल्दी इस नई यूनिट की कैपेसिटी का पूरा इस्तेमाल (Capacity Utilization) शुरू करती है। आने वाले क्वार्टरली नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया निवेश कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन और रेवेन्यू ग्रोथ पर कितना सकारात्मक असर डालता है।
