Shilchar Technologies ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के **₹20.86 करोड़** से बढ़कर **₹32.98 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि सालाना आधार पर अभी भी दबाव बना हुआ है।
तिमाही नतीजों की मुख्य बातें
कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹192.61 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो जून तिमाही के ₹134.61 करोड़ के मुकाबले काफी अधिक है। तिमाही-दर-तिमाही (Quarter-on-Quarter) आधार पर कंपनी ने मुनाफे में जोरदार रिकवरी दिखाई है।
मार्जिन पर कच्चे माल की मार
भले ही कंपनी ने रिकवरी की है, लेकिन सालाना आधार पर मुनाफा पिछले साल के ₹45.94 करोड़ से नीचे है। इसका मुख्य कारण कंपनी के कुल खर्चों में हुई बढ़ोतरी है, जो इस तिमाही में ₹153.72 करोड़ तक पहुंच गई। मैनेजमेंट का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर बिजनेस में कच्चे माल (Raw Materials) की बढ़ती कीमतों का सीधा असर मार्जिन पर पड़ रहा है।
फाइनेंशियल हेल्थ और आगे का रास्ता
कंपनी की कुल संपत्ति (Assets) ₹661.79 करोड़ है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने ₹14.30 करोड़ का डिविडेंड भी दिया है। हालांकि, निवेशकों को अब यह ट्रैक करना होगा कि क्या कंपनी बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है या नहीं। आने वाले समय में ट्रांसफॉर्मर सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ ही मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को कम करने का एकमात्र रास्ता है।
