Shayona Engineering ने FY26 के लिए अपने दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू **73.88%** बढ़कर **₹40.27 करोड़** पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में **67.06%** की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए Shayona Engineering ने शानदार आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा (PAT) बढ़कर ₹4.04 करोड़ हो गया है। कंपनी के EBITDA मार्जिन भी मजबूत बने हुए हैं, जो ₹7.57 करोड़ के स्तर पर रहे, हालांकि फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर ₹1.61 करोड़ दर्ज की गई है।
विस्तार की रणनीति
कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने के लिए Menpura डिवीजन की शुरुआत की है, जो मुख्य रूप से PVC और HDPE पाइप्स पर फोकस करेगा। अपने ऑपरेशंस को गति देने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी अब अपनी उधारी सीमा (Borrowing Limit) को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹50 करोड़ करने की तैयारी में है।
गवर्नेंस और ऑडिटर में बदलाव
लिस्टेड कंपनी बनने के बाद Shayona Engineering अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी ने अब M/s. O. P. Rathi & Co. को अपना नया ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है, क्योंकि पिछले ऑडिटर M/s. SGPS & Associates ने रिसोर्स की कमी का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। कंपनी अब पुरानी ऑडिट आपत्तियों जैसे कि अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर और इन्वेंट्री रिकॉर्ड्स को सुधारने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
बढ़ता कर्ज भविष्य में ब्याज दरों के बोझ को बढ़ा सकता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी का भविष्य अब Menpura यूनिट की परफॉर्मेंस और नई ऑडिटिंग प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
