Shayona Engineering Ltd ने अपनी 10वीं सालाना आम बैठक (AGM) का ऐलान कर दिया है। **25 सितंबर, 2026** को होने वाली इस बैठक में कंपनी उधार लेने और निवेश की लिमिट को **₹20 करोड़** से बढ़ाकर **₹50 करोड़** करने पर विचार करेगी।
AGM के एजेंडे में क्या है खास?
कंपनी ने वड़ोदरा में 25 सितंबर, 2026 को अपनी 10वीं AGM बुलाई है। इस बैठक में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी देने के साथ-साथ डायरेक्टर गौरव रतुकुमार पारेख की दोबारा नियुक्ति और नए स्टैट्यूटरी ऑडिटर के रूप में M/s. O. P. Rathi & Co. के नाम पर मुहर लगाई जाएगी।
क्यों बढ़ाई जा रही है लिमिट?
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी एक्ट की धारा 180 और 186 के तहत उधार और निवेश की लिमिट को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹50 करोड़ करना एक रणनीतिक कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को बड़ा करना और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को आसानी से पूरा करना है।
ऑडिटर में बदलाव की वजह
ऑडिट फर्म SGPS & Associates के इस्तीफे के बाद M/s. O. P. Rathi & Co. को नियुक्त किया जा रहा है। पुरानी फर्म का कहना था कि BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग के बाद काम का दायरा काफी बढ़ गया है, जिसे संभालने के लिए अधिक समय और रिसोर्सेज की जरूरत थी।
निवेशकों के लिए टेकअवे
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि लिमिट बढ़ाना सिर्फ एक तैयारी है, ताकि भविष्य में जैसे ही प्रोजेक्ट्स सामने आएं, कंपनी के पास पूंजी जुटाने का रास्ता खुला रहे। शेयरधारकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपनी इस वित्तीय ताकत का उपयोग कैसे करती है।
