सरकारी RDSS स्कीम के तहत Sharika Enterprises ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और गुजरात में पावर डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी स्मार्ट टेक्नोलॉजी से ग्रिड को आधुनिक बना रही है और YEIDA क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी डाल रही है।
पावर ग्रिड आधुनिकीकरण का बड़ा दांव
Sharika Enterprises ने 'रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम' (RDSS) के तहत कई राज्यों में प्रोजेक्ट्स हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत की है। कंपनी का फोकस अब मुख्य रूप से फीडर ऑटोमेशन और डिस्ट्रीब्यूशन मॉनिटरिंग पर है।
प्रोजेक्ट्स की डीटेल
कंपनी को उत्तराखंड के गंगा कॉरिडोर के लिए एक महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में SCADA/ADMS समाधान, 60 से अधिक रिमोट टर्मिनल यूनिट्स (RTUs) और 960 से ज्यादा फीडर रिमोट टर्मिनल यूनिट्स (FRTUs) लगाए जाएंगे। साथ ही, कंपनी वाराणसी में 998 फॉल्ट पैसेज इंडिकेटर्स (FPIs) इंस्टॉल कर रही है और गुजरात की DGVCL को 11 kV सेक्शनलाइजर्स की सप्लाई कर रही है।
मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक
'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए, कंपनी YEIDA रीजन में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार कर रही है। यहां कंट्रोल पैनल्स, FPIs और ऑटो-रिक्लोजर्स बनाए जाएंगे। अपनी तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने ब्राजील की Spin Engenharia के साथ साझेदारी की है, ताकि ADMS मॉड्यूल्स को और एडवांस बनाया जा सके।
भविष्य की राह
मैनेजमेंट के अनुसार, भारत के करीब 4,000 शहरों में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बदलने की योजना है, जिससे कंपनी के लिए ग्रोथ के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।
