Sharika Enterprises: घाटे के बाद बड़ा फैसला, ऑटोमेशन की राह पर कंपनी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sharika Enterprises: घाटे के बाद बड़ा फैसला, ऑटोमेशन की राह पर कंपनी

Sharika Enterprises ने FY 2025-26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी को **₹7.71 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। बीते साल कंपनी **₹0.97 करोड़** के मुनाफे में थी। खराब प्रदर्शन के बाद कंपनी ने अब अपने बिजनेस मॉडल को बदलने का ऐलान किया है।

मुनाफे से नुकसान तक का सफर

कंपनी का रेवेन्यू ₹75.16 करोड़ रहा है, लेकिन बढ़ते खर्च और केबल EPC बिजनेस में मार्जिन के दबाव के कारण कंपनी को भारी घाटा उठाना पड़ा है। पिछले साल कंपनी फायदे में थी, लेकिन इस बार के आंकड़े निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं।

नई रणनीति: बदलाव की तैयारी

मैनेजमेंट ने घाटे के पीछे मुख्य वजह मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव और EPC प्रोजेक्ट्स में बढ़ते रिस्क को बताया है। अब कंपनी ने एक बड़ा फैसला लिया है:

  • EPC बिजनेस से दूरी: भारी पूंजी वाले प्रोजेक्ट्स को कम करना।
  • नया फोकस: ऑटोमेशन, कंसल्टेंसी और टेक्नोलॉजी आधारित काम पर जोर देना, ताकि मार्जिन को सुधारा जा सके।

AGM पर निवेशकों की नजर

कंपनी ने अपनी 28वीं AGM की तारीख 28 सितंबर, 2026 तय की है। निवेशकों के लिए सबसे अहम मुद्दा होगा कंपनी के टॉप मैनेजमेंट की सैलरी (Remuneration) को मंजूरी देना, क्योंकि कंपनी इस समय घाटे में है। बुक क्लोजर 18 सितंबर से 28 सितंबर तक रहेगा।

आगे की चुनौतियां

कंपनी का नया बिजनेस मॉडल अभी शुरुआती चरण में है। मैनेजमेंट ने खुद स्वीकार किया है कि इसका फायदा दिखने में कितना समय लगेगा, यह अभी साफ नहीं है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स की सफलता और कंपनी की रिकवरी पर बारीकी से नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.