Sharda Ispat के लिए फाइनेंशियल ईयर **2026** चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹6.20 करोड़** पर आ गया है, वहीं टोटल इनकम भी घटकर **₹172.58 करोड़** रह गई है।
फिसला मुनाफा और कम हुई इनकम
Sharda Ispat ने अपने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹7.59 करोड़ से गिरकर इस बार ₹6.20 करोड़ रह गया है। इसी तरह, कंपनी की टोटल इनकम भी पिछले साल के ₹178.55 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹172.58 करोड़ पर आ गई है। इसका सीधा असर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर दिखा है, जो ₹14.94 से घटकर ₹12.22 पर आ गया है।
AGM और मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी की 65वीं एनुअल जनरल मीटिंग 29 सितंबर, 2026 को तय की गई है। मैनेजमेंट में स्थिरता बनाए रखने के लिए कंपनी ने CMD नंदकिशोर सारडा और होल-टाइम डायरेक्टर पूनम सारडा को 5 साल के लिए फिर से नियुक्त किया है, जो अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों का हवाला देते हुए इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
बड़े लोन का प्रस्ताव और चिंताएं
निवेशकों की नजर कंपनी के ₹90 करोड़ के अनसिक्योर्ड लोन के प्रस्ताव पर है, जो Kyoto Merchandise Private Limited और Shardashree Ispat Limited को दिए जाएंगे। यह राशि कंपनी के सालाना टर्नओवर का एक बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (Calcutta Stock Exchange) पर लिस्टिंग फीस न चुकाने के कारण कंपनी का शेयर अभी भी सस्पेंडेड है, जो गवर्नेंस के लिहाज से एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
