Shantidoot Infra Services ने FY26 के लिए शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो बढ़कर **₹45.02 करोड़** हो गया है। हालांकि, बढ़ती लागत के कारण कंपनी का मुनाफा फिसलकर **₹1.44 करोड़** पर आ गया है, साथ ही ऑडिट रिपोर्ट में कई नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में जबरदस्त विस्तार दिखाया है। रेवेन्यू में 49.12% की वृद्धि के साथ यह ₹45.02 करोड़ पर पहुंच गया है। लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) काफी गिरकर ₹1.44 करोड़ रह गया है।
मार्जिन पर दबाव और ऑडिट की चुनौतियां
निवेशकों के लिए सबसे चिंताजनक बात मार्जिन में आई गिरावट है। कंपनी के कुल खर्चों में 86% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। कच्चे माल की खपत दोगुनी होने के कारण कंपनी का मार्जिन 17.60% से घटकर महज 3.19% रह गया है। इसके अलावा, सेक्रेटेरियल ऑडिट में 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' और SEBI के नियमों के पालन में देरी जैसी कई खामियां पकड़ी गई हैं।
बोर्ड और मैनेजमेंट में बदलाव
आगामी 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 7वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बोर्ड ने Avijeet Kumar को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है, जिनका कार्यकाल 2032 तक होगा। साथ ही, Brajesh Vyas को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने पर भी चर्चा होगी।
आगे का रास्ता
कंपनी के सामने अब चुनौती अपने इंटरनल प्रोसेस को मजबूत करने की है। कंपनी ने Companies Act की धारा 138 और 188 के तहत कमियों को सुधरने का वादा किया है। अब निवेशकों की नजर AGM के नतीजों और मैनेजमेंट द्वारा इन गवर्नेंस खामियों को दूर करने की रफ्तार पर होगी।
