Shanthi Gears ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹518.72 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 14% कम है। हालांकि, कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और चौथी तिमाही (Q4) में मिले रिकॉर्ड ऑर्डर भविष्य के लिए उम्मीद जगा रहे हैं।
Shanthi Gears का वित्तीय प्रदर्शन: रेवेन्यू में गिरावट, पर कर्ज-मुक्त
Shanthi Gears ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 14% घटकर ₹518.72 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 20% गिरकर ₹76.66 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले साल इसी अवधि में रेवेन्यू ₹604.62 करोड़ और प्रॉफिट ₹96.03 करोड़ था। इस गिरावट का मुख्य कारण ऑर्डर मिलने में कमी और ग्राहकों द्वारा शेड्यूल में देरी को बताया गया है। इसी के चलते प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹12.52 से घटकर ₹9.99 रह गई।
क्यों मायने रखती है ये खबर?
इस साल के नतीजों ने कंपनी के प्रमुख वित्तीय मापदंडों, जैसे ROCE, को भी प्रभावित किया है, जो 35% से घटकर 24% हो गया है। इन चुनौतियों के बावजूद, Shanthi Gears अपनी कर्ज-मुक्त (debt-free) स्थिति बनाए रखने में कामयाब रही है और उसने ₹29.83 करोड़ का फ्री कैश फ्लो भी जेनरेट किया है। कंपनी ने ₹5 प्रति शेयर के डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है, जो प्रबंधन के वित्तीय स्वास्थ्य और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कंपनी की पिछली कहानी
FY 2024-25 में, Shanthi Gears ने बेहतर रेवेन्यू और प्रॉफिट दर्ज किया था। वर्तमान वर्ष का प्रदर्शन बाजार की बाहरी परिस्थितियों से काफी प्रभावित हुआ है। खास बात यह है कि कंपनी ने इसी साल प्लांट और मशीनरी में अपने अब तक के सबसे बड़े निवेश को अंजाम दिया है, जो भविष्य की उत्पादन क्षमता और उत्पादकता पर फोकस को दिखाता है।
अब आगे क्या?
बीते वित्तीय वर्ष में आई मंदी के बावजूद, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में रिकॉर्ड ऑर्डर बुकिंग भविष्य में सुधार की ओर इशारा कर रही है। प्रबंधन का आधुनिकीकरण और संपत्ति में पुनर्निवेश पर जोर, बाजार की मुश्किलों का सामना करने के लिए कंपनी की दीर्घकालिक क्षमताओं को मजबूत करने की एक रणनीतिक दिशा को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को बाजार के मौजूदा दबावों, मार्जिन पर पड़ने वाले असर, कच्चे माल (खासकर स्टील) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इंपोर्ट से होने वाली प्रतिस्पर्धा पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, प्रिसिजन इंजीनियरिंग क्षेत्र में कुशल तकनीशियनों और इंजीनियरों की कमी भी एक चुनौती साबित हो सकती है।
भविष्य में क्या देखें?
निवेशकों को Q4 के रिकॉर्ड ऑर्डर का FY27 में वास्तविक रेवेन्यू और प्रॉफिट में बदलना कितना प्रभावी होता है, इस पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। प्रबंधन द्वारा इनपुट लागत की अस्थिरता और प्रतिस्पर्धा के दबाव को कम करने के प्रयास भी महत्वपूर्ण होंगे।
