Shankara Building Products Ltd (SBPL) ने डी-मर्जर के बाद FY26 में मुनाफे में शानदार वापसी की है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) लगभग स्थिर रहा, लेकिन EBITDA में **44%** की जोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो इसके मुख्य मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में बढ़ी हुई एफिशिएंसी (Efficiency) का संकेत दे रही है।
डी-मर्जर के बाद SBPL की मुनाफे में वापसी
Shankara Building Products Ltd (SBPL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में शानदार वापसी करते हुए मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹3.84 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल FY25 में ₹0.78 करोड़ का घाटा हुआ था। FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹1,364.01 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,362.47 करोड़ के लगभग बराबर है।
EBITDA में 44% की उछाल
कंपनी के EBITDA में 44% का जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो FY26 में ₹30.22 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि FY25 में यह ₹20.79 करोड़ था। यह बढ़ोतरी बताती है कि ट्रेडिंग बिजनेस के डी-मर्जर के बाद कंपनी अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट पर फोकस करके एफिशिएंसी (Efficiency) और लागत प्रबंधन (Cost Management) में काफी सुधार कर रही है।
आगे की राह और जोखिम
SBPL अब एक डेडिकेटेड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के तौर पर आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य मशीनरी को अपग्रेड करके प्रोडक्ट्स की क्वालिटी बढ़ाना, डायरेक्ट इंडस्ट्रियल कस्टमर्स को सेल्स बढ़ाना और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई (Diversify) करना है। हालांकि, मैनेजमेंट ने भू-राजनीतिक जोखिमों, खासकर मध्य-पूर्व संघर्ष को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इससे एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो सकती है और लागत बढ़ सकती है। टैरिफ (Tariffs) और एनर्जी सप्लाई की दिक्कतें भी सप्लाई चेन और लागत पर असर डाल सकती हैं।
निवेशक क्या देखें?
निवेशकों को SBPL की ग्रोथ योजनाओं के एग्जीक्यूशन (Execution), मशीनरी अपग्रेड और डायरेक्ट इंडस्ट्रियल सेल्स में विस्तार पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन (Cost Inflation) को मैनेज करने की क्षमता भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगी।
