Shangar Decor Limited ने FY26 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **82%** बढ़कर **₹147.46 लाख** पर पहुंच गया है, वहीं रेवेन्यू भी उछलकर **₹2,326.07 लाख** रहा। हालांकि, शानदार आंकड़ों के बावजूद कंपनी पर ऑडिटर्स ने आंतरिक वित्तीय नियंत्रण (Internal Financial Controls) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे की रफ्तार और ऑडिट की आड़
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹80.90 लाख से बढ़कर ₹147.46 लाख हो गया है। इसी तरह, कंपनी का रेवेन्यू भी ₹1,858.45 लाख से बढ़कर ₹2,326.07 लाख पर पहुंच गया है।
हालांकि, इतनी शानदार ग्रोथ के बीच कंपनी की मुश्किलें कम नहीं हैं। स्टैच्यूलरी ऑडिटर M/s. S K Bhavsar & Co. ने एक 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल डॉक्यूमेंटेशन और IT सिस्टम में बड़ी खामियां पाई गई हैं, जिन्हें सुधारना बेहद जरूरी है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
सिर्फ फाइनेंशियल कंट्रोल ही नहीं, बल्कि कंपनी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। सेक्रेटेरियल ऑडिट में यह सामने आया कि कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के दौरान न तो सही संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स रखे और न ही इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति की। हालांकि, मैनेजमेंट का दावा है कि ये सभी खामियां अप्रैल 2026 तक ठीक कर ली गई हैं।
आगे की रणनीति
फिलहाल, कंपनी ने कोई भी डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है ताकि इस पूंजी का उपयोग रिन्यूएबल एनर्जी और टंगस्टन-आधारित प्रोडक्ट्स के बिजनेस में विस्तार के लिए किया जा सके। मैनेजमेंट ने रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को मजबूत करने का वादा किया है। अब निवेशकों की नजरें 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी होंगी, जहां यह देखना अहम होगा कि कंपनी ने अपनी पुरानी गलतियों से कैसे सबक लिया है।
