Shakti Pumps India ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹90.71 करोड़** से घटकर **₹38.51 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
Q2 FY27 में Shakti Pumps का रेवेन्यू ₹746.03 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹666.35 करोड़ था। हालांकि, सेल्स में करीब 12% की बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पिछले साल के ₹121.52 करोड़ से घटकर ₹49.53 करोड़ पर आ गया है, जिसका असर बेसिक EPS पर पड़ा है, जो ₹7.35 से गिरकर ₹3.12 रह गया है।
बिजनेस सेगमेंट का प्रदर्शन
कंपनी के मुख्य कारोबार का आधार भारत ही बना हुआ है, जहां से ₹743.41 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ है। वहीं, ओवरसीज सब्सिडियरीज का रेवेन्यू ₹40.34 करोड़ रहा। प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में भी भारतीय कारोबार का पलड़ा भारी है, जिसने टैक्स से पहले ₹55.55 करोड़ का लाभ कमाया।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
बाजार के जानकारों का मानना है कि सेल्स और मुनाफे के बीच का यह अंतर एक बड़ा 'वॉच पॉइंट' है। बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट, कच्चा माल या फाइनेंसिंग लागत मुनाफे को खा रही है। कंपनी ने हाल ही में ₹1 प्रति शेयर का डिविडेंड भी दिया है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मार्जिन पर बढ़ा यह दबाव एक बार का खर्चा है या यह आगे भी जारी रहेगा।
