Shakti Press Ltd: राजस्व में 500% की छलांग, पर ऑडिटर्स ने उठाए गंभीर सवाल!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Shakti Press Ltd: राजस्व में 500% की छलांग, पर ऑडिटर्स ने उठाए गंभीर सवाल!

Shakti Press Ltd ने FY26 में अपने रेवेन्यू को **₹78.3 करोड़** तक पहुंचा दिया, जो पिछले साल के मुकाबले **500%** ज्यादा है। कंपनी के एग्री डिविजन ने शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि, ऑडिटर्स ने कंपनी के गवर्नेंस और अकाउंटिंग में कई गंभीर गड़बड़ियां पकड़ी हैं।

Detailed Coverage

Shakti Press Ltd का धमाकेदार प्रदर्शन, पर गवर्नेंस पर उठे सवाल

Shakti Press Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में भारी उछाल देखने को मिला है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष के ₹13.03 करोड़ से बढ़कर ₹78.30 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) भी ₹0.07 करोड़ से बढ़कर ₹1.65 करोड़ हो गया है। कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹0.19 से बढ़कर ₹4.68 हो गई है।

नए एग्री डिविजन का जलवा

इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य श्रेय कंपनी के नए लॉन्च हुए एग्री डिविजन (Agri Division) को जा रहा है। इस डिविजन ने अकेले ₹68.06 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2.26 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) जेनरेट किया है। वहीं, कंपनी के पेपर डिविजन (Paper Division) ने ₹10.24 करोड़ का रेवेन्यू और ₹3.54 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स दिया है।

निवेशकों के लिए चिंता की बात

जहां एक तरफ कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के स्टैचूटरी ऑडिटर्स (Statutory Auditors) ने कंपनी के गवर्नेंस और अकाउंटिंग प्रैक्टिसेज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर्स ने कंपनी एक्ट, 2013 के सेक्शन 138 के तहत इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) की नियुक्ति न करने, डेप्रिसिएशन (Depreciation) की गलत गणना और Ind AS 12 के विपरीत डेफर्ड टैक्स एसेट्स/लायबिलिटीज (Deferred Tax Assets/Liabilities) को रिकग्नाइज न करने जैसी खामियां पाई हैं। इसके अलावा, कंपनी ने FYs 2021-22 और 2022-23 के लिए AOC-4 XBRL फॉर्म में फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और FY 2023-24 के लिए MGT-7 फॉर्म में एनुअल रिटर्न (Annual Return) फाइल करने में भी चूक की है।

आगे क्या?

निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी का मैनेजमेंट ऑडिटर्स द्वारा उठाए गए इन गंभीर मुद्दों पर कैसे प्रतिक्रिया देता है और उन्हें कैसे ठीक करता है। इन गवर्नेंस और अकाउंटिंग खामियों को दूर करने में विफलता कंपनी की प्रतिष्ठा और भविष्य की फंड जुटाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

कंपनी ने हाल ही में ₹27.25 प्रति वारंट के भाव पर 94,75,000 कनवर्टिबल वारंट्स (Convertible Warrants) अलॉट किए थे और विस्तार और वर्किंग कैपिटल के लिए मार्च 2026 में राइट्स इश्यू (Rights Issue) के लिए भी मंजूरी प्राप्त की थी।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • FY 2025-26 का रेवेन्यू: ₹78.30 करोड़ (FY 2024-25 में ₹13.03 करोड़)
  • FY 2025-26 का PAT: ₹1.65 करोड़ (FY 2024-25 में ₹0.07 करोड़)
  • एग्री डिविजन का रेवेन्यू: ₹68.06 करोड़
  • संबंधित पक्ष के साथ लेनदेन (FY 2025-26): ₹8.57 करोड़
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.