Shah Metacorp ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **29%** बढ़कर **₹228.08 करोड़** हो गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट गिरकर **₹12.14 करोड़** रहा, जिसके पीछे पिछले साल के एक्सेप्शनल गेन का बेस इफेक्ट मुख्य वजह है।
मुनाफे में गिरावट का गणित
कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹12.14 करोड़ रहा है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि पिछले साल उन्हें ₹24.82 करोड़ का एक एक्सेप्शनल गेन हुआ था, जिसकी तुलना में इस बार का प्रॉफिट कम दिख रहा है। असल में यह कंपनी के ऑपरेशंस की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है। कंपनी ने अपनी ग्रोथ के लिए इस साल डिविडेंड न देने का फैसला किया है ताकि पैसा विस्तार में लगाया जा सके।
बड़े कॉर्पोरेट बदलाव
कंपनी में बड़े स्तर पर नेतृत्व में बदलाव हुए हैं:
- Viral Shah ने 20 जुलाई 2026 से CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है।
- बोर्ड ने M/s. Shivam Soni & Co. को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने की सिफारिश की है।
- कंपनी ने 9.71 करोड़ शेयर ₹4.86 प्रति शेयर के भाव पर जारी कर फंड जुटाया है।
रिन्यूएबल एनर्जी में एंट्री
Shah Metacorp ने अब ग्रीन एनर्जी सेक्टर में कदम रखा है। कंपनी ने Strike Eco Grid Private Limited में 26% हिस्सेदारी खरीदी है, जो कि कंपनी के पोर्टफोलियो में एक नया डायवर्सिफिकेशन है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
निवेशकों को इन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- मैन्युफैक्चरिंग रिस्क: अभी प्रोडक्शन सिर्फ कुकरवाड़ा, गुजरात की एक ही साइट पर सीमित है।
- रिकवरी का पेंच: कंपनी के पास ₹76.26 करोड़ के पुराने एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स अटके हैं, जिसमें से ₹56.89 करोड़ के लिए कंपनी पहले ही प्रोविजनिंग कर चुकी है। इसे रिकवर करने के लिए एक स्ट्रक्चर्ड सेटलमेंट MOU पर काम चल रहा है।
