Shah Alloys के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। Q2 FY27 में कंपनी ने **₹1.85 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, वहीं सांटेज प्लांट बंद होने के कारण रेवेन्यू लगभग शून्य हो गया है। ऑडिटर्स ने कंपनी की भविष्य की विजिबिलिटी पर 'Material Uncertainty' की चेतावनी दी है।
बिगड़ती फाइनेंशियल सेहत
Shah Alloys ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के जो नतीजे जारी किए हैं, वे कंपनी की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने ₹35.76 करोड़ का शानदार प्रॉफिट कमाया था, जो अब घटकर ₹1.85 करोड़ के नुकसान में तब्दील हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू गिरकर महज ₹0.24 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹26.31 करोड़ था।
ऑडिटर्स की 'गंभीर चेतावनी'
इस रिपोर्ट में सबसे बड़ा झटका ऑडिटर्स का 'Material Uncertainty Related to Going Concern' नोट है। इसका सीधा मतलब है कि ऑडिटर्स को यह भरोसा नहीं है कि कंपनी भविष्य में अपने बिजनेस को सुचारू रूप से चला पाएगी। सांटेज (गांधीनगर) स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अगस्त 2025 से पूरी तरह बंद है, जिससे कमाई का मुख्य जरिया खत्म हो चुका है।
आगे की राह क्या है?
कंपनी ने जुलाई 2025 में पुरानी टेक्नोलॉजी और लगातार हो रहे नुकसान का हवाला देकर अपना आयरन और स्टील ऑपरेशन बंद कर दिया था। अब मैनेजमेंट नई रणनीतिक संभावनाओं की तलाश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया है।
निवेशकों के लिए रिस्क
इन्वेस्टर्स के लिए फिलहाल बड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। कंपनी अभी भी अपनी अकाउंटिंग 'गोइंग कंसर्न' आधार पर कर रही है और एसेट इम्पेयरमेंट की जरूरत को नकार रही है, लेकिन ऑडिटर्स की टिप्पणी बता रही है कि कंपनी की एसेट वैल्यू पर गहरा दबाव है। अब निवेशकों को मैनेजमेंट की ओर से किसी बड़े बदलाव, पार्टनरशिप या एसेट लिक्विडेशन की घोषणा का इंतजार करना होगा।
